जासं, नई दिल्ली: टूजी स्पेक्ट्रम से जुड़े 3500 करोड़ के एयरसेल-मैक्सिस मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में आवेदन लगाकर कार्ति चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति देने की मांग की। जांच एजेंसी ने अदालत में कहा कि कार्ति पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जबकि उन्हें जांच में सहयोग करने के आधार पर ही अंतरिम राहत दी गई थी।

आवेदन पर सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने कार्ति चिदंबरम से जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी। इस आवेदन से पहले सोमवार सुबह ईडी ने कार्ति को दी गई अंतरिम राहत को रद करने की मांग की थी। केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा दर्ज किए गए एयरसेल-मैक्सिस मामले में सात अगस्त को अदालत ने कार्ति चिदंबरम को दी गई गिरफ्तारी पर रोक की अंतरिम राहत को आठ अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया था। सीबीआइ की रिपोर्ट के आधार पर ही ईडी ने मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज किया था। ईडी ने इस मामले में 13 जुलाई को आरोप पत्र दाखिल किया था और इसमें कार्ति चिदंबरम को आरोपित बनाया था। आरोप पत्र में ईडी ने कार्ति चिदंबरम के अलावा एडवांस स्ट्रैटेजिग कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड और इसके निदेशक पदमा भास्करमन व रवि विश्वनाथन, चेस मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और इसके निदेशक अन्नामलाई पालानईयप्पा का भी नाम शामिल किया है। ईडी की तरफ से पेश हुए वकील नितेश राणा व एनके मेहता ने अदालत को बताया कि जांच एजेंसी द्वारा अटैच किए गए 1.16 करोड़ रुपये का संबंध कार्ति चिदंबरम से है। गौरतलब है कि मामले में आरोपित कार्ति चिदंबरम को 2011 में केंद्रीय जांच एजेंसी और 2012 में ईडी द्वारा दर्ज किए गए मामलों में गिरफ्तारी के बाद 10 जुलाई तक के लिए जमानत दी गई है। गौरतलब है कि यह पूरा मामला एयरसेल में निवेश के लिए फर्म एमएस ग्लोबल कम्युनिकेशन होल्डिंग सर्विसेज लिमिटेड को एफआइपीबी मंजूरी दिलाने के संबंध में है, जिसमें कार्ति ने अपने पिता व पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए कंपनी को लाभ पहुंचाया था। ईडी और सीबीआइ मामले में कार्ति के साथ ही पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम की भूमिका के बारे में भी पड़ताल कर रहीं हैं।

Posted By: Jagran