लखनऊ, जागरण संवाददाता। बीकेटी फायर स्टेशन से चंद कदम दूर रैंथा रोड कमला बाद बढ़ौली में रविवार सुबह एक प्लास्टिक की कुर्सी बनाने वाले फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। परिसर में ही गोदाम था जहां कुर्सियां भरीं थीं। सूचना पर बीकेटी, चौक और इंदिरानगर समेत कई फायर स्टेशन से गाड़ियां करीब दर्जन भर गाड़ियां मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।

रैंथा रोड कमला बाद बढ़ौली में डायमंड के नाम से कुर्सी फैक्ट्री है। रविवार सुबह फैक्ट्री के गोदाम से एकाएक धुंआ और आग की लपटें निकलती देख कर्मचारी शोर मचाते हुए भागे। कर्मचारियों ने सबमर्सिबल पंप स्टार्ट कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। फैक्ट्री से आग निकलती देख बीकेटी फायर स्टेशन से कर्मचारी गाड़ी लेकर पहुंचे और आग पर काबू पाने लगे। प्लास्टिक में आग थी इस कारण देखते-देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस बीच मड़ियांव इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह भी पुलिस बल के साथ पहुंचे। दमकल कर्मियों चौक, इंदिरानगर और कई अन्य फायर स्टेशनों से गाड़ियां बुलाई। दमकल कर्मियों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। गोदाम में कुर्सियां ऊपर तक भरीं थीं। सीएफओ विजय कुमार सिंह ने बताया कि आग बड़ी थी। समय रहते काबू पा लिया गया था। प्लास्टिक की फैक्ट्री थी इस लिए फायर फाइटिंग में दिक्कतें हुईं। आग संभवतः शार्ट सर्किट से लगी है।

भीषण धुंए में बीए सेट पहनकर कर्मचारियों ने की फायर फाइटिंगः घटना से फैक्ट्री परिसर ही नहीं आस पास के इलाके में भीषण धुंआ फैल गया। धुंआ ऐसा था कि चार से पांच किमी दूरी से दिखाई दे रहा था। दम घोंटू धुंए के कारण लोगों दमकल कर्मियों और आस पास के लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। दमकल कर्मियों ने इसके बाद बीए (ब्रीदिंग आपरेटस सेट) पहना। इसके बाद वह धुंए में फायर फाइटिंग कर सके। इंस्पेक्टर मड़ियांव ने बताया कि आग से कोई हताहत नहीं हुआ है।

फैक्ट्री में नहीं थे अग्नि सुरक्षा के उपकरणः फैक्ट्री बिना मानकों के चल रही थी। फैक्ट्री में स्मोक डिटेक्टर अथवा फायर फाइटिंग के उपकरण नहीं थे। मानकों को ताख पर रखकर संचालक फैक्ट्री चला रहा था। इसके साथ ही फैक्ट्री में पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। सीएफओ ने बताया कि जांच की जा रही है। फैक्ट्री संचालक को नोटिस देकर उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

 

Edited By: Vikas Mishra