जागरण ब्यूरो, लखनऊ : चौरासी कोसी परिक्रमा के लिए आंदोलनरत विश्व हिन्दू परिषद के प्रमुख अशोक सिंहल, विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया, पूर्व सांसद राम विलास वेदांती और पूर्व मंत्री लल्लू सिंह समेत 1061 लोगों को सोमवार की देर रात तक रिहा कर दिया गया। अब तक संत, महंत, पूर्व मंत्री, विधायक और कार्यकर्ताओं समेत कुल 2625 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिसमें 1564 लोगों को जेल में निरूद्ध किया गया है।

उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने जगतगुरु स्वामी राम भद्राचार्य, विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख अशोक सिंहल और कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण भाई तोगड़िया को तत्काल छोड़े जाने के आदेश दिन में दिए थे। अदालत ने राज्य सरकार से जवाब तलब करते हुए मामले की अगली सुनवाई मंगलवार 27 अगस्त को नियत की है।

सोमवार को एडीजी/आइजी कानून-व्यवस्था राजकुमार मिश्रा और गृह सचिव सर्वेश चंद मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि सोमवार को कुल 376 लोगों को विभिन्न जिलों से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार होने वालों में विहिप द्वारा आयोजित आंदोलन के प्रदर्शनकारी भी हैं। अधिकारियों ने बताया कि अशोक सिंहल को लखनऊ से शाम को ही रिहा कर दिया गया था, जबकि रामभद्राचार्य को गिरफ्तार ही नहीं किया गया था। वह अपने एक मित्र के घर प्रवास लिए हैं। सर्वेश चंद मिश्र ने कहा कि सिंहल ने दिल्ली जाने की इ'छा जताई। उनको सवा छह बजे की एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया है। अब उनसे कोई दिक्कत नहीं है। शाम की पत्रकार वार्ता में अधिकारियों ने यह दलील दी थी कि इलाहाबाद उ'च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने कहा कि यदि मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर सिंहल, तोगड़िया और वेदांती की गिरफ्तारी की गयी है तो उन्हें रिहा किया जाय। इस आधार पर गृह सचिव का कहना था कि अभी हम इसका विधिक परीक्षण कर रहे हैं, लेकिन रात करीब दस बजे गृह विभाग के प्रवक्ता ने यह सूचना दी कि एटा से निजी मुचलके पर प्रवीण तोगड़िया, राम विलास वेदांती और लल्लू सिंह को अ'छे व्यवहार के आश्वासन पर रिहा कर दिया गया है। संतकबीरनगर के पूर्व भाजपा सांसद इन्द्रजीत मिश्रा को कार्यकर्ताओं समेत अयोध्या जाते समय गिरफ्तार कर गोरखपुर जेल भेज दिया गया है।

राजकुमार विश्वकर्मा ने देर रात बताया कि लखनऊ, आगरा, कानपुर नगर, कानपुर देहात, वाराणसी, इलाहाबाद, झांसी, चंदौली, गाजियाबाद, कुशीनगर, चित्रकूट, महराजगंज, हमीरपुर, उन्नाव आदि जिलों और जालौन के उरई, मुगलसराय, लखनऊ के चारबाग, वाराणसी, आगरा फोर्ट, आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार सभी आंदोलनकारी रिहा कर दिए गये हैं। फैजाबाद में निरूद्ध 639, गोंडा में 60, बलरामपुर में 16, बस्ती में 153, बांदा में 20, बाराबंकी में 203, देवरिया में 17, बहराइच में 41, सिद्धार्थनगर में 32, संतकबीरनगर में 43 और अम्बेडकरनगर में 59 लोग अभी भी जेल में निरूद्ध हैं।

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फैजाबाद समेत छह जिलों की सीमा अभी रहेगी सील : चौरासी कोसी परिक्रमा की परिधि में आने वाले फैजाबाद, बाराबंकी, बस्ती, अम्बेडकरनगर, बहराइच और गोंडा जिलों की सीमा अभी सील रहेगी। लेकिन आम आदमी को कोई दिक्कत नहीं आयेगी। पत्रकारों को यह जानकारी देते हुए एडीजी/आइजी कानून व्यवस्था राजकुमार विश्वकर्मा ने बताया कि मंगलवार तक यातायात पूरी तरह सामान्य हो जायेगा, लेकिन अगर कोई परिक्रमा के लिए प्रयास करेगा तो उसे गिरफ्तार किया जायेगा। उन्होंने दावा किया कि कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और स्थिति पूरी तरह सामान्य है। सभी छह जिलों की सुरक्षा पहले की तरह बरकरार है।

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