लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग (पीएमएस) के 840 डॉक्टरों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) गुम हो गई है। इसके चलते डॉक्टरों की लेवल थ्री से लेवल फोर में प्रोन्नति फंसी हुई है। यह हालत तब है जबकि वर्ष 2018-19 में एसीआर ऑनलाइन भरवाई गई थी। अब दोबारा स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय की ओर से सभी डॉक्टरों को पत्र भेजकर दोबारा एसीआर मांगी गई है। चेतावनी दी गई है कि वह इसे पांच दिन के अंदर उपलब्ध करवाएं, वरना वह स्वयं जिम्मेदार होंगे। फिलहाल, इससे पीएमएस संघ नाराज है और प्रोन्नति जान-बूझकर लटकाने का आरोप लगा रहा है।

पीएमएस संवर्ग के डॉक्टरों की समयबद्ध प्रोन्नति के लिए टेक्निकल सपोर्ट यूनिट (टीएसयू) की मदद से डॉक्टरों की ऑनलाइन एसीआर की सुविधा शुरू की गई थी। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की वजह से ऑनलाइन एसीआर कहां गायब हो गई, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। फिलहाल, बीते 18 मई को दोबारा एसीआर भरने के लिए पत्र भेजा गया है।

दरअसल, बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एसीआर के मसले पर एक बैठक की और इसमें टीएसयू व महानिदेशालय के अधिकारियों को बुलाया गया। इसमें यह जानकारी सामने आई कि ट्रस्ट के रूप में काम कर रहे टीएसयू ने महानिदेशालय को अभी तक डॉक्टरों का डाटा एक्सेस ही नहीं दिया है। ऐसे में लाखों रुपये डिजटलाइजेशन के नाम पर खर्च होने के बावजूद कोई नतीजा सामने नहीं आ पा रहा है। ऑनलाइन एसीआर भरने के बावजूद एक साल प्रमोशन नहीं किया गया। अब जब वर्ष 2019-20 की एसीआर मांगी गई तो हड़कंप मच गया। नियम के अनुसार छह महीने में प्रोन्नति मिलनी चाहिए, मगर लेवल थ्री के डाक्टरों को वर्ष 2017 से प्रोन्नति नहीं मिल पाई है।

पीएमएस संघ के अध्यक्ष डॉ. सचिन वैश्य व महामंत्री डॉ. अमित सिंह का कहना है कि कोरोना महामारी में दिन-रात ड्यूटी कर रहे डाक्टरों से अब दोबारा एसीआर भरने को कहा जा रहा है। प्रोन्नति के नाम पर डाक्टरों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

Posted By: Umesh Tiwari

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