लखनऊ(जागरण संवाददाता)। खुद को आइएएस अधिकारी बताकर जालसाज शाजी अहमद सिद्दीकी ने कोलकाता के एक व्यवसायी से 80 लाख रुपये हड़प लिए। शाजी और उसके साथियों ने व्यवसायी को बेसिक स्कूलों में बैग सप्लाई का ठेका दिलाने का झासा दिया था। शाजी समेत चार के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित व्यवसायी कौशिक घोष कोलकाता के विधान नगर, सीके मार्केट, साल्टलेक, सेक्टर 11 का रहने वाला है। व्यवसायी के मुताबिक एक परिचित के माध्यम से उनकी मुलाकात दिसंबर, 2016 में लखनऊ के हजरतगंज स्थित एक होटल में शाजी अहमद सिद्दीकी से हुई थी। शाजी ने खुद को आइएएस अधिकारी बताया था और उसने उत्तर प्रदेश के बेसिक स्कूलों में बैग सप्लाई का ठेका दिलाने की बात कही थी। शाजी के एक साथी अभिषेक निगम ने सपा सरकार में अपनी ऊंची पहुंच का हवाला दिया। उसने राम शुक्ला और असद नाम के दो व्यक्तियों से भी मुलाकात कराई। शाजी ने कहा कि आपको काम मिल जाएगा। उसके लिए अभिषेक की फर्म रिट नीट इंटरप्राइजेज के खाते में रुपये जमा करने के लिए कहा। बात तय होने पर अभिषेक की फर्म में पहले 50 लाख, उसके बाद चार लाख रुपये ट्रासफर किए। इसके बाद अभिषेक ने 15 लाख रुपये मागे जो नकद दिए गए। इस तरह कुल 80 लाख रुपये जालसाजों ने ले लिए। पीड़ित ने अफसरों को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद शनिवार को लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपित शाजी, अभिषेक निगम, राम शुक्ला तीनों जेल में हैं। अजय निगम का पता लगाया जा रहा है।

अफसर, मंत्री बनकर खेल :

अभिषेक निगम और शाजी अहमद कभी खुद को आइएएस बताकर ठगी करते हैं तो कभी मंत्री बताकर। दोनों जालसाजों के खिलाफ कई थानों में जालसाजी के मुकदमे दर्ज हैं। कहा-सरकार बदल गई है, काम होने में आ रही दिक्कत:

जालसाजों ने व्यापारी से पैसे तो ले लिए लेकिन कई महीने बीत जाने के भी काम नहीं दिलवा सके। कहा कि सरकार बदल गई है काम होने में दिक्कतें हो रही हैं। फिर फोन पर बात भी करना बंद कर दिया।

Posted By: Jagran

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