लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की मांग पूरी करने के प्रयास लगातार किये जा रहे हैं। बीते 24 घंटे में प्रदेश में रिकॉर्ड 783.31 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑक्सीजन की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 300 नए ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने के निर्देश भी दिये हैं। गृह विभाग में बने कंट्रोल रूम के जरिए सूबे में ऑक्सीजन सप्लाई की मानीटरिंग की जा रही है।

अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि बीते चौबीस घंटे में प्रदेश में 350.12 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति रीफिलर्स को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से की गई है। शासन के प्रयासों से 309 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की सप्लाई प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों व चिकित्सा संस्थानों को तथा 124.19 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति आक्सीजन सप्लायर्स द्वारा सीधे निजी चिकित्सालयों में की गई है। कुल 783 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिनिश्चत कराई गई है।

अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि लखनऊ स्थित डीआरडीओ के कोविड अस्पताल के लिए प्रतिदिन 10 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का आवंटन निर्धारित किया गया है। अभी केवल परीक्षण कार्य के लिए वहां आवश्यक ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई है। जैसे ही यह कोविड अस्पताल कार्य प्रारंभ करेगा, वहां निर्धारित आपूर्ति समय से सुनिश्चित कराई जाएगी।

अपर मुख्य सचिव, गृह का कहना है कि जिलेवार उपलब्ध ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट व उनकी क्षमता की लगातार समीक्षा की जा रही है। प्रदेश में ऑक्सीजन की मांग का भी जिलेवार विवरण तैयार किया गया है। क्रायोजेनिक टैंकर की उपलब्धता के अनुसार अधिकतम आक्सीजन लाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके लिये ऑक्सीजन एक्सप्रेस की मदद ली गई है। गृह विभाग में बने एक विशेष कंट्रोल रूम के जरिये ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था की आनलाइन मानीटरिंग की जा रही है। प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिये बिहार, उड़ीसा, बंगाल, झारखंड स्थित ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन लाए जाने की व्यवस्था की गई है।

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