लखनऊ, राज्य ब्यूरो। प्रदेश में असुरक्षित और क्षतिग्रस्त पाये गए सात सेतुओं की मरम्मत के लिए शासन ने सात करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की है। शासन ने सेतुओं की मरम्मत का काम जल्दी शुरू करने का निर्देश देने के साथ यह भी कहा है कि इस काम में ढिलाई बरतने पर संबंधित अभियंताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जल्‍द से जल्‍द की जाएगी सभी पुलों की मरम्‍मत

बरेली में परसाखेड़ा आरओबी, मुरादाबाद-फर्रुखाबाद मार्ग के किमी-2 पर स्थित डबल फाटक सेतु की मरम्मत के लिए धनराशि स्वीकृत हो गई है। रायबरेली में सेमरी-रायबरेली-परसदेपुर-बारानवती मार्ग के नईया नाले पर पुल की मरम्मत भी जल्द शुरू होगी। वाराणसी में मांझीघाट, शाहजहांपुर में कोलाघाट पुल और बिजनौर में रामगंगा नदी पर स्थित दीर्घ सेतु की मरम्मत के लिए धनराशि मंजूर कर दी गई है। गौरतलब है कि गुजरात में मोरबी पुल हादसे के बाद राज्य सरकार ने प्रदेश में सेतुओं की मजबूती की जांच कराई थी।

सभी क्षतिग्रस्त सेतुओं की न‍िगरानी के न‍िर्देश

क्षतिग्रस्त सेतुओं के लिए धनराशि स्वीकृत करने के साथ सभी जोनल मुख्य अभियंताओं को सेतुओं की सतत् निगरानी के निर्देश दिये गए हैं। कहा गया है कि कोई समस्या मिलने पर लोक निर्माण मुख्यालय और शासन को इसकी जानकारी दी जाए। यदि मुख्य निरीक्षण में पाते हैं कि सेतु क्षतिग्रस्त है और संबंधित सहायक अभियंता और अवर अभियंता ने पूर्व में इस बारे में रिपोर्ट नहीं दी है तो उनका दायित्व भी तय किया जाए।

मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने द‍िए थे जांच के न‍िर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग की ओर से प्रदेश के सभी सेतुओं की जांच कराई गई थी। ज‍िसमें 25 सेतु असुरक्षित पाये गए थे। लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश के 5283 सेतुओं की मजबूती की जांच की। इनमें 4945 निर्मित पक्के सेतु, 294 निर्माणाधीन पक्के सेतु और 44 पान्टून पुल शामिल हैं।

Edited By: Prabhapunj Mishra

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