लखनऊ, जेएनएन। उच्च रक्तचाप की समस्या चुपके से शरीर में दस्तक देती है। हर आयु के लोग इसकी चपेट में हैं। बावजूद, देश के 50 फीसद लोग बीमारी से अनभिज्ञ हैं। 17 मई को वल्र्ड हाईपरटेंशन डे है। ऐसे में इंडियन सोसाइटी ऑफ हाईपरटेंशन ने जागरूकता सप्ताह मनाने का फैसला किया है। 

तमाम बीमारियों का कारण है उच्च रक्तचाप

इसके तहत हुसैनगंज स्थित एक होटल में आयोजित व्याख्यान में केजीएमयू के डॉ. नरसिंह वर्मा ने कहा कि देश में 33 फीसद लोग उच्च रक्तचाप के शिकार हैं। इनमें से भी आधे से अधिक लोग बीमारी से अंजान हैं। लिहाजा, ब्लड प्रेशर 100-90 से अधिक हो तो सावधान हो जाना चाहिए। कारण, यह समस्या अंजाने में व्यक्ति में तमाम बीमारियों को जन्म दे देती है। 

आंखों की रोशनी को नुकसान 

डॉ. नरसिंह वर्मा के मुताबिक उच्च रक्तचाप हृदय के साथ-साथ आंखों की रोशनी को भी क्षति पहुंचाता है। इसके अलावा धीरे-धीरे वह किडनी की समस्या भी पैदा करने लगता है। कारण, उच्च रक्तचाप होने से धमनियों में दबाव बढ़ जाता है। इससे इनमें खिंचाव आ जाता है। इस दौरान पतली-पतली नलिकाओं में हो रहा रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है। इससे नेफ्रॉन का आवागमन भी बाधित हो जाता है, जोकि किडनी की समस्या उत्पन्न करता है।

घर में ऐसे मापें बीपी 

  • बीपी मापते समय व्यक्ति सीधे बैठे, पीठ पर टेक लगा लें
  • मॉनीटरिंग मशीन के कफ को धमनी के बीच में ही रखें
  • मोटे कपड़े के ऊपर से बीपी न मापें
  • बीपी के लिए क्लोज रीडिंग को ही मुख्य मानें
  • सात दिन लगातार तीन वक्त बीपी मापें और चार्ट बनाएं
  • इसके बाद डॉक्टर को दिखाकर इलाज शुरू करें 

ऐसे करें बचाव

  • व्यायाम नियमित रूप से करें
  • सुबह-शाम टहलने की आदत डालें
  • वजन पर नियंत्रण रखें
  • नकारात्मक सोचने और तनाव से बचें
  • पौष्टिक और संतुलित आहार लें 
  • नियमित समयांतराल में रक्तचाप की जांच कराएं
  • समय-समय पर चिकित्सक से परामर्श लें

 

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Posted By: Anurag Gupta

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