लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस की मुठ्ठी में अभी भी सबसे ज्यादा नौजवान ही हैं। चाहे नौकरी व अन्य कोई जरूरी काम हो सबसे ज्यादा युवाओं को ही घर से बाहर निकलना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल संक्रमित 1,45,722 लोगों में से 49.34 फीसद युवा हैं, इनकी उम्र 20 साल से लेकर 40 साल के बीच है। वहीं 60 साल से अधिक की उम्र वाले 8.34 प्रतिशत बुजुर्ग व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित हैं।

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार महिलाओं के मुकाबले पुरुष ज्यादा संक्रमित हैं। कोरोना वायरस से संक्रमित कुल मरीजों में से 70.22 प्रतिशत पुरुष हैं और 29.78 प्रतिशत महिलाएं हैं। वहीं प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों को देखते हुए टेस्ट के साथ-साथ कांटेक्ट ट्रेसिंग का काम भी तेज कर दिया गया है। अभी तक 2.46 लाख सर्विलांस टीम के द्वारा प्रदेश भर में 8.67 करोड़ लोगों का सर्वे किया जा चुका है। फिलहाल इसे और बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। डोर टू डोर सर्वे के माध्यम से कोरोना संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों को भी चिह्नित किया जा रहा है।

कोरोना टेस्टिंग में यूपी देश में पहले नंबर पर पहुंचा : कोरोना टेस्टिंग में उत्तर प्रदेश देश में पहले नंबर पर पहुंच गया है। दूसरे राज्यों के मुकाबले यूपी में सबसे ज्यादा लोगों की कोरोना जांच की गई है। अभी तक यहां पर कुल 35,98,210 लोगों की जांच की गई है। अभी तक कोरोना टेस्ट के मामले में तमिलनाडु सबसे आगे था लेकिन शुक्रवार को यूपी ने उसे पीछे छोड़ दिया। तमिलनाडु में अभी तक 35 लाख से अधिक लोगों की कोरोना जांच हुई है और अब यह दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। वहीं तीसरे नंबर पर महाराष्ट्र है और यहां 30.49 लोगों का कोरोना टेस्ट कराया गया है।

कोरोना वायरस की जांच को अभी और बढ़ेगी : अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि प्रतिदिन सबसे ज्यादा करीब एक लाख व उससे ज्यादा टेस्ट कर यूपी एक दिन में सबसे ज्यादा टेस्ट करने वाला राज्य पहले ही बन चुका है। शुक्रवार को देश में सबसे ज्यादा लोगों की जांच करने वाला राज्य भी बन गया। पूल टेस्टिंग भी सबसे पहले यूपी में ही शुरू हुई थी। बीते 24 घंटे में पांच-पांच नमूनों के 2,493 पूल की जांच हुई और इसमें से 424 पूल पाजिटिव निकले। वहीं 10-10 पूल के 113 नमूनें जांच गए और इसमें से 15 पूल पाजिटिव निकले। यहां एंटीजन व ट्रूनैट मशीन से भी कोरोना वायरस की जांच की जा रही है। यूपी में कोरोना वायरस की जांच को अभी और बढ़ाया जाएगा।

कोविड-19 अस्पतालों के आइसीयू में दोगुने होंगे बेड : यूपी में कोरोना वायरस के अस्पतालों में इंटेंसिव केयर यूनिट (आइसीयू) के बेड में दोगुनी बढ़ोतरी की जाएगी। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए गंभीर रोगियों के इलाज के लिए आइसीयू के बेड बढ़ाए जाएंगे। अभी प्रदेश भर में कोरोना अस्पतालों में आइसीयू बेड चार हजार हैं और अब यह बढ़कर आठ हजार होंगे। अगस्त के अंतिम सप्ताह तक इनमें बढ़ोतरी किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं लखनऊ में लेवल थ्री के अस्पतालों में आइसीयू के 125 बेड और एचडीयू के 320 बेड बढ़ाए जाएंगे। इसी तरह पूरे प्रदेश में आइसीयू के बेड बढ़ेंगे। यूपी में कोरोना वायरस के इलाज के लिए कोविड-19 के लेवल वन से लेकर लेवल थ्री तक के अस्पताल तैयार किए गए हैं। कोविड-19 के लेवल वन के अस्पतालों में 1,23,460 बेड, लेवल टू के 15,812 बेड व लेवल थ्री के अस्पतालों में 12,490 बेड हैं। प्रदेश में इस समय कोरोना अस्पतालों में कुल 1.50 लाख बेड हैं और आगे जरूरत के अनुसार इन्हें और बढ़ाया जाएगा।