लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के 14 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों में बाराबंकी, अयोध्या, कुशीनगर, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, आजमगढ़, गोंडा, बस्ती, मऊ, संत कबीर नगर, सीतापुर, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर शामिल हैं। इन जिलों के 455 गांव बाढ़ की चपेट में हैं जिनमें से 98 जलमग्न हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को तत्काल कृषि निवेश अनुदान देने के लिए कहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जनता को जागरूक किया जाए और लाउडहेलर/माइक से एलर्ट किया जाए। उन्होंने राज्य स्तर पर स्थापित एकीकृत आपदा नियंत्रण केंद्र का 24 घंटे संचालन किए जाने और जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम के माध्यम से बाढ़ की स्थिति की निरंतर समीक्षा करने का भी निर्देश दिया है। राहत आयुक्त संजय गोयल ने बताया कि शारदा नदी लखीमपुर खीरी के पलिया कला, राप्ती गोरखपुर के बर्डघाट और श्रावस्ती के राप्ती बैराज, सरयू (घाघरा) बाराबंकी के एल्गिन ब्रिज, अयोध्या और बलिया के तुर्तीपार क्षेत्र में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

राहत आयुक्त संजय गोयल ने बताया कि बाढ़ प्रभावित जिलों में बचाव और राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय व राज्य आपद मोचक बलों और पीएसी की कुल 16 टीमें लगाई गई हैं। वहीं इन इलाकों में लोगों के इलाज के लिए 188 मेडिकल टीमें भी कार्य कर रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 653 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। राहत और बचाव के लिए 835 नावें इस्तेमाल की जा रही हैं। प्रभावित जिलों में 96 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। बीते 24 घंटों में प्रभावित लोगों को 15,550 फूड पैकेट और 20,390 मीटर तिरपाल वितरित किया गया है।

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