लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास में बड़ी भूमिका अदा करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लोक भवन में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ को स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम में इनके मानदेय में और भी बढ़ोतरी का संकेत दिया।

लखनऊ में मंगलवार को लोक भवन में पोषण अभियान के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कर्मी को स्मार्ट मोबाइल फोन प्रदान किया। इस दौरान उनके साथ महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री स्वाति सिंह के साथ मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी भी मौजूद थे।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का उत्साह भी बढ़ाया और उनके कई साहसिक कार्य की जमकर सराहना भी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जो मानदेय बढ़ाया गया था वह परफॉर्मेंस आधारित था। यह पिछला बकाया था, जो उन्हेंं दिया गया था। अब तो फिर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं मानदेय बढ़ाया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में हर विभाग ने कुछ न कुछ नया व अच्छा किया है। इसके साथ ही हमारा संकल्प है कि पारदर्शी और ईमानदार सरकार के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हम तकनीक के माध्यम से शासन की योजनाओं को प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाएं। मुझे प्रसन्नता है कि विगत साढ़े चार वर्षों में प्रदेश के बारे में धारणाएं बदली हैं।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पोषण अभियान के अंतर्गत तकनीक से जोडऩे व उनकी कार्य सुविधा के लिए 1.23 लाख स्मार्टफोन एवं बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए 1.87 लाख इन्फैंटोमीटर का वितरण किया। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कहने के लिए यह केवल स्मार्ट फोन व ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस के वितरण का कार्यक्रम हो सकता है लेकिन इसकी गूंज सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने में नींव के पत्थर के रूप में है।

योगी आदित्यनाथने कहा कि अब तो तकनीक हमारे कार्य को आसान ही नहीं बल्कि पारदर्शी भी बनाती है और हमें उस फील्ड में दक्ष बनाने के साथ-साथ सम्मान का पात्र भी बनाती है। आज 01.23 लाख स्मार्टफोन का वितरण हो रहा है, बहुत जल्द सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को स्मार्टफोन वितरित होगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम प्रयास कर रहे हैं कि प्रत्येक आंगनबाड़ी का अपना भवन हो। इसके साथ ही प्रदेश की हर आंगनबाड़ी को प्री-प्राइमरी के रूप में कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है, इस पर सरकार गंभीरतापूर्वक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इंसेफेलाइटिस से होने वाली 97 फीसदी तक मौत के आंकड़ों को नियंत्रित किया जा चुका है। यह दुनिया के लिए अपने आप में एक मॉडल है। हम सामूहिक प्रयासों से किसी महामारी पर नियंत्रण कैसे प्राप्त कर सकते हैं, इसका एक मॉडल उत्तर प्रदेश है।

Edited By: Dharmendra Pandey