अमेठी, संवाद सूत्र। All India Wrestling Competition: पीएम नरेंद्र मोदी के जन्‍मद‍िन के अवसर पर अमेठी में तीन दिवसीय राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता का आगाज गौरीगंज के कौहर स्थित सैनिक स्कूल परिसर में  हुआ। श्रीगणेश व हनुमानजी की पूजा के बाद स्वागत भाषण में केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने कहा कि अमेठी में खेल आयोजन केवल दंगल तक ही सीमित न रहे, बल्कि बैडमिंटन, फुटबाल, हॉकी आदि प्रतियोगिताएं हो इसका प्रयास किया जाना चाहिए। इस बाबत उन्होंने प्रदेश के खेल मंत्री उपेंद्र त्रिपाठी से सहयोग मांगा। त्रिपाठी ने भी उन्हें बेहतर आयोजन का भरोसा दिया। स्‍मृत‍ि ईरानी ने मुख्य अतिथि केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, सांसद व भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह सहित प्रदेश के मंत्रियों आनंद स्वरूप, गिरीश यादव आदि का स्वागत किया।

इसके बाद उन्होंने कहा कि आजादी के 70 साल बाद सैनिक स्कूल के स्थापना का स्वप्न साकार हुआ। जनपद व आसपास के जिलों में इस तरह की पहली प्रतियोगिता हो रही है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर इस आयोजन से अमेठी वासियों के राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान बढ़ा है। एक बहन का अभिमान तब होता है जब अपने परिवार का एक छत के नीचे वह राष्ट्र का सत्कार करे। समाज का सम्मान हो। आज उसी भूमिका में अमेठीवासियों की ओर से सब का अभिनंदन कर रही हूं।

2014 के ओलंपिक में 55 केजी वर्ग में स्कॉटलैंड में कामनवेल्थ गेम में कनाडा को हराकर स्वर्ण पदक जीतने वाली हरियाणा की पहलवान बबिता फोगाट ने कहा कि लड़कियां अब सास बहू का नाटक देखना बंद कर दें। वह ओलंपिक पर अपना ध्यान दें। गीता व बबिता फोगाट बनने के लिए उन्हें अपनी ऊर्जा खेल की ओर लगानी होगी। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को ऊंची उड़ान के लिए पंख देने की अपील की। बबिता ने दंगल के आयोजन की प्रशंसा की। कहा, इससे यहां व आसपास के खिलाड़ियों को नया अवसर मिलेगा। 2018 के एशियन गेम में 65 किग्रा वर्ग के स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि खेल में रुचि लेने वाले बच्चे इस अवसर का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि वह भी अपना बचपन गांव से शुरू किए हैं। वहीं से खेल में आगे बढ़ने के लिए मेहनत किया। इसलिए गांव के बच्चे अपनी प्रतिभा को निखारे। उन्होंने इरानी को आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।

इस दंगल के पहले हो चुकी दो राष्ट्रीय प्रतियोगिता: गिरिराज

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को कौहर सैनिक स्कूल में राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता के शुभारंभ पर बतौर मुख्य अतिथि कहा कि इस दंगल के पहले अमेठी की धरती पर दो राष्ट्रीय प्रतियोगिता हो चुकी है। पर, वह राजनैतिक प्रतियोगिता थी। उसमें स्मृति ईरानी विजयी हुईं। उन्होंने स्‍मृत‍ि ईरानी की सराहना की। कहा कि विकास की कुश्ती में भी वह नंबर वन रहेंगी। उन्होंने कहा कि उम्र में वह मेरी बेटी समान हैं। व्यवहार में बहन। राजनीतिक क्षितिज पर जो ठान लिया उसे कर दिखाने का नाम ही स्मृति ईरानी है।

कुश्ती का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे भारतीय परंपरा से जोड़ा। कहा महाभारत के जरासंध, दुर्योधन, भीम आदि मल्ल कुश्ती के नायक थे। साठ के दशक तक कुश्ती में भारत का स्थान था, लेकिन राज्य की नजर न पड़ने से इसकी भूमिका कमतर होती गई। अब ऐसा नहीं होगा। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेल का विकास हो रहा है। उन्‍होंने ब‍िना नाम लिए स्‍मृत‍ि ईरानी के सांसद बनने से पहले अमेठी में विकास को लेकर चुटुकी भी लिया। उन्होंने कहा कि चार साल पहले वह रायबरेली गए थे। सोचता था खूब तरक्की हुई होगी। पर...।

सांसद बृज भूषण ने किया खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन : इससे पूर्व सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने में देर होने से दंगल की शुरुआत सांसद व भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह ने की। उन्होंने पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। क्षेत्र व जिले के साथ प्रदेश के लिए अद्वितीय प्रतियोगिता बताई। विभिन्न राज्यों से सात सौ से अधिक पहलवानों को इस प्रतियोगिता में आमंत्रित किया गया है। वाटर प्रूफ टेंट के नीचे तीन अखाड़े बनाए गए हैं। जिसमें अंडर-23 के महिला व पुरुष पहलवान जोर आजमाइश कर रहे हैं। शुरुआती दौर में दिल्ली हरियाणा, हिमांचल, यूपी, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिमी बंगाल आदि राज्यों के 44 पहलवान अखाड़े में उतर चुके हैं।

प्रतियोगिता में देश भर के 12 से 23 आयु वर्ग के लगभग 550 पहलवान हिस्सा लेने पहुंचे हैं। प्रतियोगिता गौरीगंज के कौहार स्थित सैनिक स्कूल में आयोजित होगी। खिलाड़ियों के खाने व रहने का भी इंतजाम कैंपस में ही होगा। बबिता फोगाट व गीता फोगाट पहुंचने वाली है।

 

बारिश के बावजूद लोग कुश्ती देखने पहुंचे : बारिश ने खेल में खलल डालने की पूरी कोशिश की। आसपास जलभराव से आयोजन की भव्यता पर प्रभाव पड़ा है। बावजूद आसपास के लोग देखने पहुंचे है। दर्शक कुश्ती का पूरा लुत्फ ले रहे हैं। 

Edited By: Anurag Gupta