लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने चुनावी वर्ष में अधिक से अधिक छात्र और छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए एक और मौका दिया है। छात्रवृत्ति के मास्टर डाटा बेस में शामिल होने के लिए शिक्षण संस्थान अब 17 सितंबर से 27 सितंबर तक अपनी सूचनाएं अपलोड कर सकेंगे। अभी तक इसकी अंतिम तारीख 18 अगस्त थी।

इस वर्ष परिणाम विलंब से आने के कारण बहुत सारे शिक्षण संस्थान छात्रवृत्ति के लिए मास्टर डाटा में अपनी सूचनाएं अपलोड नहीं कर पाए थे। इसी को देखते हुए प्रमुख सचिव समाज कल्याण के रविन्द्र नायक ने संशोधित समय सारणी जारी कर दी। इसके अलावा 31 अगस्त तक जिन शिक्षण संस्थानों को मान्यता मिल चुकी है उनके छात्र भी वर्तमान वित्तीय वर्ष में छात्रवृत्ति के लिए आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। हर साल 15 जुलाई तक मान्यता पाने वाले शिक्षण संस्थानों के ही छात्रों को सरकार छात्रवृत्ति देती थी। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि इस वर्ष अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जा सके।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने दो अक्टूबर तक हर हाल में सभी प्रकार की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिया है कि स्कूल और कालेजों में दिव्यांग जन, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संवर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का भुगतान समय से हो जाए। सामान्य वर्ग के बच्चों को शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था है। यह उनके लिए बड़ा सहारा है। सभी का पिछला बकाया तत्काल भुगतान कर दिया जाए। 

बता दें कि उत्तर प्रदेश में हर साल 56 लाख से अधिक गरीब परिवारों के छात्र-छात्राएं दशमोत्तर छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति एवं पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठाते हैं। इसमें से 14-15 लाख अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राएं शामिल होते हैं। अगले वर्ष विधानसभा के चुनाव होने हैं, इसलिए योगी सरकार इस वर्ष एससी छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाने जा रही है।

Edited By: Umesh Tiwari