लखनऊ, जेएनएन। शिया समुदाय के पहले इमाम हजरत अली अलेहिस्सलाम की शहादत के 1400 वर्ष पूरे हो रहे हैं। वहीं, रुस्तम नगर स्थित रौजा शबीह-ए-नजफ से निकलने वाले ताबूत का यह 150वां वर्ष है। इसलिए 21वीं रमजान के जुलूस (27 मई) के समय में बदलाव किया गया है। इस बार यह जुलूस सुबह तड़के तीन बजे रौजा शबीह-ए-नजफ से निकलेगा।

21वीं रमजान पर ताबूत उठाने वाली वारिसान-ए-ताबूत हसन मिर्जा कमेटी ने जुलूस के समय में बदलाव किया है। कमेटी के महासचिव मुख्तार हुसैन लखनवी ने बताया कि जुलूस तड़के तीन बजे शबीह-ए-नजफ से निकलेगा, जबकि पिछले वर्ष तक यह ताबूत सुबह 4:30 के करीब उठता था। ताबूत निकलने से पहले रात 2.45 बजे अलविदाई मजलिस होगी, जिसको मौलाना मिर्जा मुहम्मद अशफाक खिताब करेंगे। जुलूस अपने निर्धारित मार्ग शबीह-ए-नजफ से छोटे साहब आलम रोड, बुनियादबाग, कर्बला दियानतुद्दौला, काजमैन रोड, अशरफाबाद से बिल्लौचपुरा, हैदरगंज व बुलाकी अड्डा होता हुआ कर्बला तालकटोरा पहुंचकर संपन्न होगा। इससे पहले 24 से 27 मई तक शबीह-ए-नजफ में सिलसिलेवार मजलिसों का सिलसिला जारी रहेगा। रोजाना अलग मौलाना मजलिस को खिताब करेंगे।

19वीं रमजान का जुलूस 25 को

गिलीम के ताबूत (19वीं रमजान) का पहला जुलूस 25 मई को निकाला जाएगा। जुलूस सुबह नमाज के बाद सआदतगंज स्थित मस्जिद-ए-कूफा से निकलेगा। जो मंसूर नगर, गिरधारा सिंह इंटर कालेज, बिल्लौचपुरा तिराहा से नक्खास होता हुआ पाटानाला स्थित इमामबाड़ा हकीम सैयद मुहम्मद तकी साहब पहुंच कर संपन्न होगा। मौलाना मीसम जैदी ने बताया कि जुलूस की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। 19वीं रमजान को मस्जिद-ए-कूफा में फज्र की अजान कारी ताहिर जाफरी देंगे। जबकि, मौलाना जहीर अहमद इफ्तेखारी नमाज अदा कराएंगे। इसके बाद मौलाना मिर्जा मुहम्मद अशफाक मजलिस को खिताब करेंगे।

 

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Posted By: Anurag Gupta

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