लखनऊ, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण महोत्सव का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान वाराणसी, कुशीनगर, झांसी, सुल्तानपुर, सहारनपुर में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के एक-एक लाभाॢथयों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संवाद भी किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या में इस कार्यक्रम से जुड़े।

प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संवाद के बाद राजनीतिक विरोधियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बीते दशकों में उत्तर प्रदेश को हमेशा राजनीति के चश्मे से देखा गया। दिल्ली के सिंहासन का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है, इसका सपना देखने वाले तो बहुत से लोग आए और गए लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा की उत्तर प्रदेश देश के विकास में अग्रिम भूमिका निभा सकता है। किसी ने वंशवाद, किसी ने परिवार के लिए और किसी ने अपने राजनीतिक स्वार्थवश यूपी को इस्तेमाल किया। अपने स्वार्थ में डूबे इन लोगों ने उत्तर प्रदेश को आॢथक समृद्धि से जोड़ा ही नहीं बल्कि खुद को समृद्ध किया। अब उत्तर प्रदेश ऐसे लोगों के कुचक्र से बाहर निकल आया है। उत्तर प्रदेश भारत के ग्रोथ इंजन का पावर हाउस बन सकता है, यह विश्वास हाल के वर्षों में बना है।

पांच अगस्त के महत्व को किया रेखांकित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच अगस्त की तारीख के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि दो वर्ष पहले इसी तारीख को संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू कश्मीर के हर नागरिक को हर अधिकार और सुविधाओं में भागीदार बनाया गया था। बीते वर्ष इसी तारीख को कोटि-कोटि भारतीयों ने सैकड़ों वर्ष बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण की ओर कदम बढ़ाया था। आज ओलंपिक में हमारे युवाओं ने देश को बड़ा तोहफा दिया है। आज ही उत्तर प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज वितरण के लिए यह पुण्य आयोजन हो रहा है। ऐसे समय में जब देश के युवा भारत के लिए नई सिद्धियां प्राप्त कर रहे हैं और गोल पर गोल दाग रहे हैं, वही हमारे देश में कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ में सेल्फ गोल करने में लगे हैं। देश कैसे बदल रहा है, क्या हासिल कर रहा है, इससे इन लोगों को कोई सरोकार नहीं है। वह देश की भावना को आहत करने में जुटे हैं, संसद की कार्यवाही में बाधा डालकर जन भावना का निरंतर अपमान कर रहे हैं। जब देश का हर नागरिक कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में जी-जान से जुटा है तो यह लोग देशभक्ति के काम को रोकने की स्पर्धा में लगे हैं। देश की जनता ऐसी देश विरोधी राजनीति का बंधक नहीं बन सकती। उनके मंसूबों को नाकाम कर देश हर कठिनाई से पार पाकर आगे बढ़ रहा है। जो अपने पद के लिए परेशान हैं, वे भारत को रोक नहीं सकते। नया भारत पद नहीं, पदक जीतकर दुनिया पर छा रहा है।

कठिन परिस्थितियों में भी अभूतपूर्व उपलब्धियां

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना संक्रमण की कठिन परिस्थितियों में भी देश ने अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। कोरोना टीकाकरण के मामले में भारत 50 करोड़ टीके लगाने की दहलीज पर खड़ा है। जुलाई में जीएसटी संग्रह 1.16 लाख करोड़ रुपये हुआ है जो बताता है कि अर्थव्यवस्था गति पकड़ रही है। आजादी के बाद पहली बार किसी एक महीने में ढाई लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा का निर्यात हुआ है। कृषि निर्यात में भारत पहली बार दुनिया के टॉप 10 देशों में शामिल हुआ है। देश का पहला मेक इन इंडिया विमान वाहक पोत विक्रांत समुद्र में अपना ट्रायल शुरू कर चुका है। हर चुनौती को चुनौती देते हुए लद्दाख में सबसे ऊंची मोटरेबल रोड का निर्माण हुआ है। डिजिटल इंडिया को नई ऊंचाइयां देने वाला ई रुपी लांच किया गया है। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और यहां के लोगों ने देश के सामर्थ्य को आगे बढ़ाने में कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, रेलवे फ्रेट कॉरिडोर और डिफेंस कॉरिडोर परियोजनाएं जिस गति से आगे बढ़ रही हैं, यह उसका जीता जागता प्रमाण है।

सीएम योगी आदित्यनाथ को बताया कर्मयोगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कर्म योगी बताते हुए कहा कि योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से बदल रहा है विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में दो बड़े फैसले किए हैं जिनका लाभ उत्तर प्रदेश बड़े पैमाने पर उठा सकता है। इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा को हिंदी सहित अनेक भारतीय भाषाओं में शुरू करने के फैसले से प्रदेश के गांव और गरीब परिवारों के बच्चे भी अब इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सकेंगे। मेडिकल शिक्षा में पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ सामान्य वर्ग के गरीब बच्चों के लिए 10 फीसद आरक्षण को इसी सत्र से लागू कराने का फैसला किया है। इससे चिकित्सा क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में टैलेंट आकर्षित होगा। 

पिछड़ों और गरीब सवर्णों को दिया संदेश

प्रधानमंत्री ने शिक्षा से जुड़े केंद्र सरकार के दो ताजा फैसलों का हवाला देते हुए पिछड़ों और सामान्य वर्ग के गरीबों को भी साधा। कहा कि इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा को हिंदी सहित अनेक भारतीय भाषाओं में शुरू करने के फैसले से प्रदेश के गांवों और गरीब परिवारों के बच्चे भी अब इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सकेंगे। मेडिकल शिक्षा में पिछड़ा वर्ग के लिए 27 फीसद आरक्षण के साथ सामान्य वर्ग के गरीब बच्चों के लिए 10 फीसद आरक्षण को इसी सत्र से लागू कराने के निर्णय से चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी संख्या में टैलेंट आकर्षित होगा।

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Edited By: Dharmendra Pandey