अयोध्या, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को रामनगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन तथा शिलान्यास के एक वर्ष बाद अयोध्या पहुंचकर सबसे पहले रामलला के दर्शन किया। सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से हेलिकॉप्टर से अयोध्या पहुंचे। बीते वर्ष पांच अगस्त को राम मंदिर के निर्माण के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भूमि पूजन किया था।

अयोध्या में रामलला का दर्शन करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्य योजना के तहत पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन को सुना। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से लाभार्थियोंको राशन वितरित किया और उनसे बातचीत की। वासुदेव घाट क्षेत्र में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का शुभारंभ करने के बाद लाभार्थियों को संबोधित भी किया। इस कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल संवाद के जरिए सीएम योगी ने प्रधानमंत्री से भी बातचीत की और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लिए उन्हेंं धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस दौरान सीएम योगी ने कोरोना संक्रमण काल के दौरान केंद्र सरकार के कदमों की सराहना की और पीएम नरेंद्र मोदी से कहा आपके कुशल मार्गदर्शन में पूरा देश इस महामारी से खुद को बचा सका है। इतना ही नहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में केंद्र सरकार की मदद से संचालित हो रही विकास योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

पीएम के कार्यक्रम के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने लाभार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के कुशल निर्देशन में अयोध्या को वैश्विक पहचान दिलाने का सपना साकार हो गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से ठीक एक वर्ष पहले आज ही के दिन अयोध्या की धरती से प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ था। पांच सदी के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर निर्माण का शुभारंभ प्रधानमंत्री के हाथों हुआ है। अब मंदिर निर्माण को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के लगातार प्रयास के बाद ही अयोध्या में निर्माण कार्यों और एक नई अयोध्या बनाने की संकल्पना तैयार हो गई है। जिससे कि रामनगरी को अब वैश्विक पहचान मिल रही है। रामनगरी को श्वि स्तर पर पहचान दिलाने वाली 138 करोड़ की 17 योजनाएं पूर्णं हो चुकी हैं। अभी भी 54 परियोजनाओं में 3136 करोड़ रुपए की लागत से इन योजनाओं में युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। अयोध्या को अब एक नई अयोध्या के रूप में विकसित करने के लिए 8568 करोड़ रुपए की नवीन परियोजनाओं का डीपीआर बनाया जा रहा है। एक वर्ष पहले वृहद कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए जो कार्यक्रम प्रधानमंत्री ने शुरू किया था। उस योजना के तहत एक नई अयोध्या वैश्विक स्तर पर देखने को मिलेगी। इससे पहले अयोध्या पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम लला के दर्शन कर उनकी उतारी की। 50 माह के दौरान 29वीं बार मुख्यमंत्री के तौर पर गुरुवार को अयोध्या पहुंचे। वर्ष 2017 से ही प्रत्येक वर्ष छोटी दीपावली के दिन दीपोत्सव की परंपरा डालने के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ पहले से ही अयोध्या को वैश्विक क्षितिज पर प्रस्तुत करने का प्रयास करते रहे हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी के दूत की भूमिका में सीएम योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिव्य अयोध्या निर्माण के राम-काज में हनुमान जी की तरह समॢपत हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूत की भमिका में कोई कसर नहीं छोड़ी और रामनगरी को उनकी मंशा के अनुरूप आकार देने की योजना के अग्रदूत बनकर उभरे। रामनगरी अयोध्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जुड़ाव गुरु और दादा गुरु के जमाने का ही है। गुरु अवेद्यनाथ के साथ वे एक दशक तक अयोध्या आते- जाते रहे, राम मंदिर सहित स्थानीय संतों से आत्मीयता उन्हेंं गुरु से ही विरासत में मिली। मार्च 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही उनका रामनगरी से जुड़ाव और निखर कर सामने आया। नौ नवंबर 2019 को रामलला के हक में आए निर्णय के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निगाह भी रामनगरी की ओर केंद्गित हुई और उन्होंने रामनगरी को विश्व की शीर्ष सांस्कृतिक नगरी बनाने की परिकल्पना दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस परिकल्पना को आाकार देने की राह पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। वह गत 50 माह के दौरान 29वीं बार मुख्यमंत्री के तौर पर गुरुवार को अयोध्या आ रहे हैं। वर्ष 2017 से ही प्रत्येक वर्ष छोटी दीपावली के दिन दीपोत्सव की परंपरा डालने के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ पहले से ही अयोध्या को वैश्विक क्षितिज पर प्रस्तुत करने का प्रयास करते रहे हैं और जल्दी ही वह प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में वे रामभक्तों को दिव्य-नव्य अयोध्या की सौगात देने की तैयारी में हैं।

Edited By: Dharmendra Pandey