लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 56 लाख विद्यार्थियों की प्रोन्नति का फार्मूला लगभग तय कर लिया गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय कमेटी द्वारा तैयार किए गए फार्मूले में इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को हाईस्कूल के 50 प्रतिशत अंक, कक्षा 11 के 40 प्रतिशत व इंटरमीडिएट प्री-बोर्ड के 10 प्रतिशत अंकों को जोड़कर प्रोन्नति दी जाएगी। वहीं, हाईस्कूल का परिणाम कक्षा नौ के 50 प्रतिशत और कक्षा 10 की प्री बोर्ड परीक्षा के 50 प्रतिशत अंकों को जोड़कर तैयार किया जाएगा। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रोन्नति का फार्मूला रखा जाएगा। फिर इस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।

यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट के रिजल्ट में सबसे ज्यादा अंक हाईस्कूल के इसलिए जोड़े जाएंगे, क्योंकि इसकी परीक्षा खुद माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित करा के रिजल्ट तैयार किया गया था। ऐसे में गृह परीक्षा के मुकाबले बोर्ड परीक्षा के अंक को इंटरमीडिएट में ज्यादा तवज्जो दी जा रही है। प्रोन्नति फार्मूले के ड्राफ्ट को तैयार करने के लिए अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय कमेटी को 3,921 सुझाव शिक्षकों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों व अभिभावकों के द्वारा भेजे गए। बैठकों के कई दौर के बाद फार्मूला निर्धारित हुआ। इसके तहत यह भी तय किया गया है कि प्राइवेट फार्म भरने वाले जिन विद्यार्थियों का रिकॉर्ड मौजूद नहीं है, उन्हें बिना अंक के प्रोन्नत किया जाएगा।

ऐसे तैयार होगा रिजल्ट इंटरमीडिएट का परिणाम : उदाहरण के तौर पर इंटरमीडिएट का रिजल्ट तैयार करते समय यदि विद्यार्थी को हाईस्कूल में अंग्रेजी विषय में 100 में से 70 अंक मिले हैं तो उसका 50 प्रतिशत यानी 35 अंक, कक्षा 11 में अंग्रेजी में 100 में से 60 अंक मिले हैं तो इसका 40 प्रतिशत यानी 24 अंक और 12 वीं के प्री बोर्ड में यदि अंग्रेजी में 100 में से 60 अंक दिए हैं तो इसका 10 प्रतिशत यानी छह नंबर जोड़े जाएंगे। इस तरह उसे अंग्रेजी में 65 प्रतिशत अंक दिए जाएंगे।

ऐसे तैयार होगा रिजल्ट हाईस्कूल का रिजल्ट : उदाहरण के तौर पर हाईस्कूल का रिजल्ट तैयार करते समय यदि कक्षा नौ में विद्यार्थी को हिंदी में 100 में से 80 अंक मिले हैं तो इसका 50 प्रतिशत यानी 40 अंक जोड़े जाएंगे। कक्षा 10 के प्री बोर्ड में हिंदी में यदि 100 में से 60 अंक मिले हैं तो इसका 50 फीसद यानी 30 नंबर जोड़े जाएंगे। इस तरह हाईस्कूल में हिंदी विषय में उसे 100 में से 70 नंबर दिए जाएंगे।

सीबीएसई का निर्णय होने के बाद आई तेजी : यूपी बोर्ड इन दिनों सीबीएसई के साथ कदम से कदम मिला रहा है। हाईस्कूल के बाद इंटरमीडिएट की परीक्षाएं सीबीएसई ने निरस्त की तो यूपी बोर्ड की भी परीक्षाएं रद हुईं। इंटरमीडिएट की परीक्षा निरस्त करने के समय उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने प्रोन्नति का फार्मूला भी बताया और कुछ देर बाद कहा गया कि अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में कमेटी गठित हो रही है, वह फार्मूला तय करेगी। असल में, इंतजार सीबीएसई की ओर से तय होने वाले फार्मूले का हो रहा था। अब वह सार्वजनिक हो गया है। ऐसे में शासन सोमवार तक यूपी बोर्ड के 10वीं व 12वीं में प्रोन्नति देने का अधिकृत फार्मूला जारी कर देगा।

प्रोन्नति के लिए बड़ी संख्या में सुझाव भी आए : यह भी संयोग है कि सीबीएसई की ओर से तय फार्मूले में उन बिंदुओं को भी शामिल किया गया है, जिसका जिक्र डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा कर चुके हैं। इंटर के परीक्षार्थियों की प्रोन्नति में यूपी बोर्ड 9वीं, 10वीं व 11वीं के औसत अंकों के आधार पर प्रोन्नति देने पर लगातार मंथन चल रहा था। इधर कई दिन से बोर्ड अफसरों के साथ फार्मूले पर बैठकों का दौर चला। शिक्षक, प्रधानाचार्य, विद्यार्थी व अभिभावकों के साथ ही आम लोगों से बड़ी संख्या में सुझाव भी आए। अधिकांश बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है। अब फार्मूले की अधिकृत ऐलान कर दिया जाएगा। इसके बाद परिणाम तैयार होना शुरू हो जाएगा। इसमें भी करीब एक पखवारे से अधिक का समय लगेगा।

संशोधन की जगह अधिनियम हो सकता स्थगित : यूपी बोर्ड के सौ वर्ष के इतिहास में पहली बार हाईस्कूल व इंटर के विद्यार्थियों को प्रोन्नति हो रही है। इसके पहले देरी से ही सही परीक्षाएं जरूर हुई हैं। ऐसे में बोर्ड के अधिनियम में लिखित परीक्षा का ही प्रविधान है। अफसरों का कहना है कि शासन ने यह कदम विशेष परिस्थिति कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस वर्ष के लिए ही उठाया है इसलिए अधिनियम में संशोधन करना जरूरी नहीं है, बल्कि एक आदेश से उस नियम को स्थगित करके भी प्रोन्नति दी जा सकती है, अंतिम निर्णय शासन करेगा।