लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 56 लाख विद्यार्थियों को प्रोन्नति दिए जाने का फार्मूला तैयार करने को लेकर लगातार मंथन चल रहा है। अभिभावकों व शिक्षकों के साथ बैठक के बाद अब माध्यमिक शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय कमेटी की शनिवार को बैठक हुई। बैठक में तय हुआ कि व्यक्तिगत (प्राइवेट) परीक्षा फार्म भरने वाले विद्यार्थियों के पिछली कक्षा के अंकों का रिकार्ड यदि नहीं है तो उन्हें बिना औसत अंक दिए ही प्रोन्नत किया जाएगा। उनकी मार्कशीट पर प्रोन्नत लिखा होगा।

अपर मुख्य सचिव (माध्यमिक शिक्षा) आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में हाईस्कूल के 40 विषयों व इंटरमीडिएट के 106 विषयों में विद्यार्थियों को अंक देकर प्रोन्नत करने करने को लेकर कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। इसमें हाईस्कूल के वह व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल हैं, जो अन्य बोर्ड से कक्षा नौ पास हैं। सैनिक परीक्षार्थियों व जेल में निरुद्ध कक्षा नौ में पंजीकरण कराने से छूट वाले बंदी भी शामिल हैं।

इसी तरह इंटरमीडिएट परीक्षा में पत्राचार, कृषि वर्ग, व्यावसायिक वर्ग व इंटर की समकक्षता के लिए सिर्फ हिंदी विषय की परीक्षा में शामिल होने वाले आइटीआइ पास परीक्षार्थियों, सैनिक परीक्षार्थी व जेल में निरुद्ध बंदी, जिन्हें कक्षा 11 में पंजीकरण कराने से छूट है, उन्हें भी बिना अंक के प्रोन्नत किए जाने पर विचार किया गया। दूसरी तरफ जिन प्राइवेट परीक्षार्थियों के रिकार्ड मौजूद हैं, उन्हें संस्थागत परीक्षार्थियों की ही तर्ज पर प्रोन्नत किया जाएगा।

हाईस्कूल के विद्यार्थियों को कक्षा नौ की वार्षिक परीक्षा और कक्षा 10 की प्री बोर्ड परीक्षा के औसत अंकों के आधार पर प्रोन्नत करने व इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को कक्षा 11 व इंटर की प्री बोर्ड परीक्षा के औसत अंकों के आधार पर प्रोन्नति देने पर विचार किया गया। यह उच्चस्तरीय कमेटी अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगी और वह प्रोन्नति के मामले में अंतिम निर्णय लेगा। बैठक में विशेष सचिव (माध्यमिक शिक्षा) शम्भू कुमार व उदय भानु त्रिपाठी भी मौजूद रहे।