बहराइच [संतोष श्रीवास्तव]।Fight With Corona: कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए दूल्हा-दुल्हन ने बिना बैंड-बाजा एवं बराती के मंदिर में शादी रचाई। इस अनोखी शादी में परिवार के मात्र पांच लोग शामिल हुए, ताकि किसी को कोरोना के संक्रमण का खतरा न हो। भगवान को साक्षी मानकर रचाई गई शादी की सादगी लोगों के लिए नजीर बन गई।

दरअसल, नगर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले मनीष कुमार का विवाह सपना कश्यप से तय हुआ था। 12 मई को दोनों की शादी के तारीख तय हुई थी, लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए परिवार के लोगों ने जो निर्णय लिया वो आमजन के लिए नसीहत से कम नहीं है। लोगों को कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए परिवार के लोगो ने रिश्तेदारों को शादी में न बुलाने का निर्णय लिया। सभी से कोरोना का हवाला देकर शादी में न बुलाने के लिए क्षमा याचना की।

दूल्हे मनीष का कहना है कि सादगी से शादी के लिए उसने दुल्हन सपना के घर वालों से भी बात की और उन्हें मंदिर में शादी करने के लिए राजी किया। बुधवार को शादी में शामिल होने के लिए दोनों परिवार के लिए मात्र पांच सदस्य दूल्हा व दुल्हल के साथ पानी टंकी तिराहा स्थित बेचू बाबा मंदिर पहुंचे। दोनों परिवारों की मौजूदगी में सादगी के साथ वर व वधु ने अग्नि के सात फेरे लिए।

दुल्हन बोली- कोरोना की गंभीरता को समझे: नववधु सपना का कहना था कि इस प्रकार के विवाह की पहल करने की आवश्यकता महसूस हुई। इसलिए ऐसा किया, जिससे लोग कोरोना की गंभीरता को समझ सकें। संकट के इस दौर में किसी को अपने विवाह समारोह में बुलाकर उसका जीवन खतरे में नहीं डालना चाहते थे। इसलिए उन्होंने पारिवारिक सदस्यों के बीच विवाह करने का फैसला किया।

 

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