लखनऊ, जेएनएन। राजधानी में रविवार को कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने और सेनिटाइजेशन के लिए लगाए गए कर्फ्यू का लोगों ने पालन किया। हर तरफ सन्नाटा देखने को मिला। लोगों ने संयम का परिचय दिया और घर से बाहर नहीं निकले। आम दिनों की तरह आवश्यक सेवाएं संचालित होती रहीं। इस दौरान प्रशासन और नगर निगम की ओर से सेनिटाइजेशन का कार्य कराया गया। कोरोना कर्फ्यू को लेकर शासन की ओर से सख्त निर्देश जारी किए गए थे। शनिवार देर शाम को ही दुकानें बंद होने लगी थीं। कई व्यापारियों ने दोपहर बाद ही दुकान बंद कर दी। यही नहीं, शनिवार शाम सात बजे के बाद से ही पुलिस सड़कों पर सायरन बजाकर लोगों को संकेत देने लगी थी। रविवार सुबह हजरतगंज चौराहे पर सन्नाटा पसरा नजर आया। लोहिया पथ पर आवश्यक सेवाओं के कर्मचारी आते जाते देखे गए। पूरे शहर में एंबुलेंस दौड़ती नजर आईं।

सोमवार को पंचायत चुनाव के मद्देनजर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में राजधानी में चेकिंग पॉइंट पर पुलिसकर्मी बेहद कम देखने को मिले। इन सबके बावजूद लोगों ने खुद से कोरोना कर्फ्यू का पालन किया और घर से बाहर नहीं निकले। खास बात यह है कि वर्ष 2020 में हुए लॉकडाउन के अनुभव का इस बार लोग लाभ ले रहे हैं और संक्रमण की गंभीरता को समझ रहे हैं।

इंदिरानगर, गोमतीनगर, विकासनगर, महानगर, आलमबाग, चौक और कृष्णानगर समेत अन्य इलाकों में लोगों ने कोरोना कर्फ्यू का स्वागत किया और बेवजह बाहर नहीं निकले। दवा, दूध, सब्जी, फल, एलपीजी, पेट्रोल व डीजल समेत अन्य जरूरी सामान लेने के लिए घर से निकले लोगों को कोई समस्या नहीं हुई। हालांकि बिना किसी काम के निकलने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती की और उनका चालान काटा। रविवार रात में पुलिस ने अभियान चलाकर जगह जगह चेकिंग की। इस दौरान बिना मास्क पहने मिले लोगों के खिलाफ कार्यवाही की गई।

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