लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को रिकॉर्ड 1.83 लाख लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण की जांच की गई तो उसमें से 2,366 लोग संक्रमित पाए गए। इससे पहले सबसे ज्यादा 1.78 लाख लोगों की जांच बुधवार को हुई थी। फिलहाल अब स्वास्थ्य विभाग धीरे-धीरे दो लाख टेस्ट प्रतिदिन करने के लिए कदम बढ़ा रहा है। वहीं बीते 24 घंटे में 2,058 रोगी स्वस्थ हुए। प्रदेश में अब तक 5.37 लाख लोग कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं और इसमें से 5.04 लाख लोग स्वस्थ हो चुके हैं। 

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि अब उत्तर प्रदेश में 25,639 एक्टिव केस हैं। शुक्रवार को 23 और लोगों की मौत के साथ अब तक 7,697 मरीजों की जान यह खतरनाक वायरस ले चुका है। उन्होंने बताया कि यूपी में इस समय फोकस टेस्टिंग के तहत झुग्गी-झोपड़ी, अस्पताल, स्कूल और सरकारी व निजी कार्यालयों के कर्मियों की जांच की जा रही है। अभी तक संक्रमण ज्यादा नहीं मिला है। फिर भी बढ़ रही ठंड और दूसरे राज्यों में चल रही कोरोना की दूसरी वेब को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रदेश में अब तक 14.41 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

कोरोना की आरटीपीसीआर जांच और होगी सस्ती : उत्तर प्रदेश में कोरोना की आरटीपीसीआर जांच अभी 1600 रुपये में की जा रही है। अब आरटीपीसीआर जांच और सस्ती की जाएगी। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि जांच और सस्ती करने के लिए मंथन किया जा रहा है। जल्द कीमत तय की जाएगी। 

घर पर इलाज कराने वाले 96 फीसद स्वस्थ : कोरोना का घर पर इलाज कराने वाले 96 फीसद रोगी अभी तक स्वस्थ हो चुके हैं। प्रदेश में अब तक 3.07 लाख मरीजों ने होम आइसोलेशन का विकल्प चुना था और इसमें से 2.95 लाख रोगी अब तक ठीक हो चुके हैं। बिना लक्षण वाले कोरोना के वह रोगी जिनके घर में अलग कमरा और शौचालय की सुविधा है, उन्हें घर पर इलाज कराने की छूट दी जा रही है। वर्तमान में प्रदेश में कोरोना के जो 25,639 मरीज हैं उनमें से 12,455 रोगी घर पर ही अपना इलाज करा रहे हैं।

घर पर इलाज कराने वालों का रिकवरी रेट बेहतर : स्वास्थ्य विभाग होम आइसोलेशन के मरीजों पर इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर की मदद से उनकी निगरानी करता है। रैपिड रिस्पांस टीम ऐसे रोगियों के घर जाकर उन्हें जरूरी दवाएं देती हैं और लगातार उनकी स्थिति के बारे में डॉक्टरों को रिपोर्ट देती हैं। फिलहाल कोरोना का घर पर इलाज कराने वाले रोगियों का रिकवरी रेट काफी अच्छा है। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बुजुर्गों और दूसरी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त रोगियों को अस्पताल में भर्ती होकर ही इलाज कराने की नसीहत दी है। क्योंकि ऐसे रोगियों में संक्रमण के कारण जान जाने का ज्यादा खतरा रहता है। अब तक प्रदेश में कुल 5.37 लाख कोरोना रोगी मिले हैं और इसमें से 3.07 लाख यानी 57 फीसद ने होम आइसोलेशन की सुविधा का लाभ उठाया है।

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