लखनऊ [नीरज मिश्र]। Black Spots on Lucknow Roads: राजधानी स्थित वृंदावन कालोनी में सड़क के गड्ढे में फंसे स्कूटी सवार बुजुर्ग राजकुमार बत्रा को डंपर द्वारा रौंदने से हुई मौत की यह घटना उन जिम्मेदारों को आइना दिखाने वाली है जो आएदिन प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का दावा करते हैं। बीते बुधवार को लखनऊ में हुआ यह ताजा मसला बानगी के तौर  है। जरा सोचिए जब प्रदेश की राजधानी की सड़कों का ये हाल है तो अन्य जिलों की स्थिति क्या होगी? मध्य क्षेत्र और पुराने लखनऊ की सड़कों का तो काफी बुरा हाल है। शहर में मौजूद मौत के मुहाने आज भी अपनी जगह पर कायम हैं। एक्सप्रेस वे हो या फिर लखनऊ जिलों के ब्लैक स्पॉट, कहीं गड्ढों की भरमार है तो कहीं अंधा मोड़ और रोड पर चलता काम। हादसों के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार सड़क की इन खामियों को दुरुस्त करने वाली एजेंसियों की गति काफी धीमी है। यही वजह है कि प्रदेश में 12 ऐसे शहर हैं जो आज भी टॉप-10 सूची में अपना वही स्थान बनाए हुए हैं।

लखनऊ में 51 ब्लैक स्पॉट

प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मौत के मुहानों की संख्या में अभी ज्यादा फेरबदल नहीं हो सका है। उपपरिवहन आयुक्त पुष्पसेन सत्यार्थी की मानें तो इनके सुधार के लिए एजेंसियां कोशिश कर रही हैं। कई में बदलाव होना है। लोनिवि समेत सभी इकाइयां इन पर काम कर रही हैं।

मौत के इन दरवाजों से सावधान!

वृंदावन, बुद्धेश्वर, नादरगंज, शहीद पथ तिराहा, सैनिक स्कूल तिराहा, एसआईएल चौराहा, बंथरा, उतरेटिया पुल, आजाद नगर, भिटौली चुंगी तिराहा, बिजनौर बंथरा रोड, अवध चौराहा, कनौसी पुल, इंजीनियरिंग कालेज चौराहा, नरही, दयाल पैराडाइज, हजरतगंज, इको गार्डेन, वीआईपी तिराहा हरौनी, पुरनिया ढाल केशवनगर, आइआइएम चौराहा, चिनहट, चंद्रा ढाल, बंगला बाजार, ताड़ी खाना तिराहा, समतामूलक चौराहा, पकरी पुल, गल्ला मंडी, खुर्रमनगर, सहारा स्टेट रोड तिराहा, रमाबाई चौकी के सामने शहीद पथ, सेक्टर-25 चौराहा, पॉलीटेक्निक चौराहा, मुंशीपुलिया, सुषमा हॉस्पिटल तिराहा आदि कई अन्य स्थान जिन्हें ब्लैक स्पाट के रूप में चिह्नित किया गया है।

प्रदेश में सड़क की खामियों के चलते हुई घटनाएं

वर्ष-सड़क हादसे-मौतें

2018-42518-22256

2019-42572-22655

लखनऊ जिले में सड़क की खामियों के चलते हुई घटनाएं

वर्ष-हादसे- मौतें- घायल

2018-1638-580-1005

2019-1683-573-922

यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुई दुर्घटनाओं का विवरण

वर्ष-हादसे- मौत -घायल

2018-149-124-155

2019-151-175-223

आगरा एक्सप्रेस-वे पर हुई दुर्घटनाओं का विवरण

वर्ष-हादसे- मौत -घायल

2018-143-127-275

2019-186-149-388

सदन में उठ चुका है मुद्दा

खराब सड़कों और गड्ढों का मसला एमएलसी दीपक सिंह ने सड़कों की खामियों को लेकर हो रही मौतों का मसला वर्ष 2018 में उठाया था। फरवरी 2020 में इसे सदन में लाया गया था। इसके बाद विभाग के मुखिया की ओर से सड़कों पर किए जा रहे काम और पूरे हो चुके कार्यों का किमी. वार ब्योरा पेश किया था।

लोनिवि

लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड द्वारा प्रमुख ब्लैक स्पाट को समय-समय पर दुरुस्त कराया गया है। कई स्थानों पर लगे बोर्ड खराब हो गए थे। उन्हें बदला गया है जिससे राहगीरों को किसी प्रकार से दिक्कत न होने पाए। आगामी कुछ सप्ताह में ठंउक व कोहरे का सीजन शुरू हो रहा है। इसे देखते हुए रिफ्लेक्टर भी लगाए गए हैं जो मददगार साबित हो रहे हैं। अन्य खामियों को भी दिखवाकर तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा।

क्‍या कहते हैं लविप्रा मुख्य अभियंता ? 

लखनऊ विकास प्राधिकरण मुख्य अभियंता इंदु शेखर सिंह के मुताबिक, लखनऊ विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में कोई भी ब्लैक स्पॉट नहीं है। सभी कालोनिया में समय-समय पर सड़कों का निर्माण कार्य व मरम्मत कराई जाती है।

 

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