लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक व स्नातक सीटों के लिए होने चुनाव में जीत सुनिश्चत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है। मतदाताओं से सीधा संवाद व संपर्क साधने के लिए मतदान केंद्र स्तर पर छोटे सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए शिक्षक व स्नातक क्षेत्र के मतदाताओं के सम्मेलन अलग-अलग होंगे। प्रदेश में 1500 से अधिक स्थानों पर होने वाले इन सम्मेलनों में प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक व सांसद भी शामिल होंगे।

विधान परिषद की 11 सीटों पर होने वाले चुनाव में भाजपा ने कुल नौ उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। वाराणसी व गोरखपुर की सीटों को छोड़कर अन्य सभी स्थानों पर भाजपा प्रत्याशी मजबूती से मैदान में हैं। प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर का कहना है कि बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ता मजबूती से चुनाव में लगे है। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह व महामंत्री संगठन सुनील बंसल लगातार जिले व क्षेत्रीय पदाधिकारियों के संपर्क में हैं। जनसंपर्क करने व मतदान के दिन वोटरों को बूथ तक लाने के लिए टोलियां गठित की गई है। टोलियों को वोट डलवाने और वोटरों से संपर्क का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।

तीन दिन चलेंगे मतदाता सम्मेलन : प्रदेश महामंत्री व चुनाव प्रभारी अमर पाल मौर्य ने बताया कि मतदाता सम्मेलन 26, 27 व 28 नवंबर को पूरे प्रदेश में आयोजित किए जाएंगे। सभी मंत्री, विधायक व सांसद अपने क्षेत्र के इन सम्मेलनों में शामिल होंगे। शिक्षक व स्नातक वोटरों के सम्मेलन अलग अलग संपन्न होंगे। सम्मेलनों के अलावा वाट््सएप समूह और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से भी प्रचार जारी है। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बनाए रखने के लिए लगातार संपर्क संवाद जारी है।

उपचुनाव के नतीजों से माहौल और मजबूत हुआ : गत दिनों हुए विधानसभा उपचुनाव के परिणामोंं का भी विधानपरिषद चुनावों की तैयारी में सकारात्मक असर दिख रहा है। प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का कहना है कि भाजपा की असल ताकत उसका कार्यकर्ता है। सेवा कार्यों से लेकर चुनावी गतिविधियों की कसौटी पर सदैव खरा उतरा है। उन्होंने कहा कि इस विधान परिषद चुनाव में भाजपा एकतरफा जीत हासिल करने में कामयाब रहेगी।

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