लखनऊ, जेएनएन। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को राज्‍यसभा चुुनाव को लेकर बसपा पर पलटवार किया। उन्होंने बसपा का नाम लिए बगैर कहा कि जो भाजपा से चुपचाप मिले हैं, उनका पर्दाफाश जरूरी था। इसलिए उन्होंने राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन दिया। कहा कि, हमारा मकसद था कि मतदान हो और सच जनता के सामने आए। उन्होंने बसपा से रिश्तों पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी भी तरह का गठबंधन कर सकती है। अखिलेश शनिवार को आचार्य नरेंद्र देव की जयंती के अवसर पर श्रद्धासुमन अर्पित करने उनकी प्रतिमा पर आए थे।

इस दौरान अखिलेश ने कहा कि आज के दिन हम सरदार पटेल, आचार्य नरेंद्र देव और महर्षि वाल्मीकि को याद कर रहे हैं। लोगों का रोजगार छिन गया है, नौकरी चली गई है और किसान एमएसपी के लिए परेशान है। हम संकल्प ले रहे हैं कि देश का जो विकास वर्षों से छूटा है उसे हम पूरा करेंगे। अखिलेश ने वाल्मीकि जयंती के अवसर पर लखनऊ स्थित परिवर्तन चौक में स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि किसी ने मां गंगा को स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया था, उसका क्या हुआ? आज गंगा कितनी साफ है यह सभी लोग जानते हैं। आज जहां हम खड़े हैं यह गोमती नदी का एक किनारा है।

गोमती नदी की सफाई के लिए हमने बहुत काम किया था लेकिन आज इसकी हालत आपके सामने है।अखिलेश ने कहा कि कोरोना अभी गया नहीं है लेकिन सरकार कम टेस्ट कराना चाहती है। जितने कम टेस्ट होंगे, सच्चाई सामने नहीं आएगी। आज लोगों को अस्पतालों में इलाज नहीं मिल पा रहा है। विकास पर कोई बात नहीं करना चाहता। मैं तो चाहता हूं विकास हो। मेट्रो जहां तक थी आज भी वहीं तक है, एक भी इंच इसका काम आगे नहीं बढ़ा। 

महापुरूषों के नाम की छुट्टियां फिर होंगी बहाल

अखिलेश ने कहा कि महापुरूषाें के नाम की जो छुट्टियां भाजपा सरकार ने रद्द कर दी हैं उन्हें सपा सरकार बनते ही फिर बहाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का न तो महापुरूषों के प्रति सम्मान का भाव है और न ही विकास कार्यों में रूचि है। 

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