लखनऊ, जेएनएन। PM Modi Mann Ki Baat: पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि के अंतर्गत मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी के वेंडर विजय बहादुर से वर्चुअल संवाद किया। चौक चौराहे के पास भेलपुरी का ठेला लगाने वाले विजय बहादुर प्रधानमंत्री से बातचीत कर बेहद उत्साहित नजर आए। आगरा और वाराणसी के वेंडर से बातचीत के बाद राजधानी के विजय बहादुर से प्रधानमंत्री ने संवाद किया। इस दौरान पीएम ने विजय का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, लखनऊ के लैय्या चना तो बहुत मशहूर हैं। 

प्रधानमंत्री ने विजय बहादुर से करीब तीन मिनट 40 सेकेंड तक बात की। उन्होंने विजय से पूछा कि आपने क्या काम शुरू किया है। जवाब में विजय ने कहा कि वह लैय्या चना बेचते हैं। पीएम स्वनिधि योजना के तहत उन्होंने 10 हजार रुपये लेकर कारोबार में लगाए हैं। पहले बार बार भागकर बाज़ार जाना पड़ता था। अब एक बार जाते हैं और एक सप्ताह तक दुकान चलाते हैं। अब भागदौड़ कम होती है।  यह सुनकर प्रधानमंत्री ने खुशी जाहिर की और कहा कि यह प्रशन्नता की बात है कि आपका समय भी बच रहा है और आप धंधे में अच्छा ध्यान दे पा रहे हैं। बोले, वैसे भी लखनऊ में लैय्या चना बहुत मशहूर है तो बिकता भी खूब है। आपके यहां तो भीड़ लगती होगी शाम को। यह सुनकर विजय ने कहा कि जी, मार्केट में दुकान है। शाम की शुरुआत लोग लैय्या चना से ही करते हैं। जवाब सुनकर प्रधानमंत्री ने हंसते हुए कहा, लखनऊ में तो कुछ लोग लैय्या चना के आदी होंगे। हर रोज खाते होंगे। नई पीढ़ी के बच्चे लैय्या चना खाते हैं क्या? इन्हें तो थोड़ा बाहर के खाने का शौक हो गया है। इस पर विजय ने बताया कि नई पीढ़ी के बच्चों को लैय्या चना पसंद है। ज्यादातर चना नहीं खाते तो उन्हें लैय्या में मूंगफली मिलाकर देते हैं।  

लाभ सबको या गिने चुने को, परखी हकीकत

 प्रधानमंत्री ने योजना की हकीकत को भी परखा। उन्होंने विजय बहादुर से पूछा कि क्या आप जैसे गरीब परिवारों को इस योजना का लाभ मिला है या सिर्फ गिने चुने लोगों को ही मिला है? इस विजय ने उन्हें आश्वस्त किया कि सभी को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। लोगों ने उन्हें फोन कर प्रधानमंत्री को धन्यवाद देने के लिए कहा है। लोगों के खाते में रुपये आ गए हैं, जिससे उन्होंने कारोबार शुरू किया है। यह सुनकर प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरी तरफ से भी सभी को शुभकामनाएं बोल दीजिएगा। बोलिएगा कि मोदी जी ने सभी को बहुत शुभकामनाएं दी हैं। सबका धंधा फले फुले और परिवार में बच्चे पढ़ें, सब आगे बढ़े। मेरी तरफ से उन्हें जरूर बोल देना।

मैं इनकम टैक्स वाला नहीं हूं

विजय से पीएम ने कहा कि काम तो अब शुरू हो गया है। मुझे तो ऐसा पूछना नहीं चाहिए। मैं इनकम टैक्स वाला नहीं हूँ, ऐसे ही जानने के लिए पूछ रहा हूँ। कितने रुपये की आमदनी हो जाती है। जवाब में विजय ने बताया कि वह दो सौ से ढाई सौ रुपये हर रोज कमा लेते हैं। इसपर पीएम ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि इस मदद से आपके परिवार की खूब उन्नति होगी। गुणवत्ता पर आप जिस तरह से ध्यान देने की बात कर रहे हैं और थोक में सामान लाकर सप्ताह भर कारोबार कर रहे हैं, इससे प्रोफेशनल मैनेजमेंट नजर आ रहा है। हाथ मे पैसा होता है तो गरीब आदमी या कम पढ़ा लिखा आदमी किस तरह अपनी चीजों को बदलता है ये अपने दिखाया है मुझे। इसलिए मैं आपके कौशल को बहुत बधाई देता हूँ। आपकी कमाई बहुत बढ़े। आप ब्रांड बन जाएं। बड़ी दुकान खोलें। आपका नाम रौशन हो। मेरी ओर से शुभकामनाएं।

मैं भी मशहूर हो गया 

प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद विजय बहादुर प्रशन्न नजर आए। बोले, अब तो मैं भी मशहूर हो गया। विजय काशी विहार दौलतगंज में रहते हैं। विजय ने कहा कि उनका पूरा परिवार बहुत खुश है। कई दिन से अखबार में मेरा नाम भी छप रहा है। सभी जानने वालों के फोन आ रहे हैं। मेरे लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है, जो मुझे जीवन भर याद रहेगी।

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