लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। अब कॉल 112 पर आप केवल पुलिस की मदद नहीं मांग सकते, बल्कि समय पर पुलिस को इस नंबर पर कॉल कर दूसरों की मदद भी की जा सकती है। कुछ ऐसे ही अनूठे प्रयास करने वाली जागरूक बहू-बेटियों को डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने शनिवार को सम्मानित किया। मिशन शक्ति के तहत गोमतीनगर स्थित 112 मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को उनके लिए शुरू की गईं योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही दूसरों की मदद के लिए प्रोत्साहित भी किया गया। डीजीपी ने कहा कि 112 के जरिये हर नागरिक दूसरों की मदद भी कर सकता है।

एडीजी 112 असीम अरुण ने बताया कि बीते दिनों कई महिलाओं ने पुलिस को काल कर अहम सूचनाएं देने के साथ ही दूसरों की मदद के लिए अपने कदम भी बढ़ाए। उनके विशेष सहयोग से जरूरतमंद को दवा दिलाए जाने से लेकर परिवार से बिछड़े बच्चे को उसके माता-पिता से मिलवाने का सराहनीय काम संभव हो सका।

डीजीपी ने कार्यक्रम में ऐसे सराहनीय कामों से दूसरों के लिए प्रेरणा बनीं मधु श्रीवास्तव, रश्मि मिश्रा, नमिता शुक्ला, प्रतिभा, मानसी अग्रवाल व प्रतिभा को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। इसके अलावा डीजीपी ने बेहतर काम करने वाली संवाद अधिकारी प्रियंका कुमारी साहू, नेहा तिवारी, सुरेश वर्मा, शिल्पी यादव व सम्प्रेक्षण अधिकारी मुख्य आरक्षी तमन्ना खान, आरक्षी जयंती गंगवार, आरक्षी पंकज कुमार व उपनिरीक्षक देवेंद्र कुमार मिश्र को भी सम्मानित किया।

एडीजी ने बताया कि लॉकडाउन के बाद एक बार फिर अकेली महिलाओं को रात में उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए महिला स्कार्ट की सुविधा शुरू कर दी गई है। कोई भी जरूरतमंद महिला रात 10 बजे से सुबह छह बजे के मध्य इस सेवा का लाभ ले सकती है। इसके अलावा मिशन शक्ति के तहत घरेलू हिंसा के मामलों में 112 में महिलाओं के पंजीकरण की योजना फिर प्रभावी ढ़ंग से शुरू कर दी गई है। कार्यक्रम में मुख्स रूप से एडीजी पुलिस भर्ती बोर्ड रेणुका मिश्रा, एडीजी महिला व बाल सुरक्षा संगठन नीरा रावत, एसपी मु. 112 इमरान व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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