लखनऊ, जेएनएन। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को प्रयागराज जाने से रोकने पर भड़के विपक्ष ने मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने दी। सरकार के जवाब से नाराज सपा, बसपा और कांगे्रस सदस्यों ने जमकर हंगामा व नारेबाजी करते हुए वेल में धरना दिया।

विधान सभा में सोमवार को जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर हंगामा करने वाले विपक्ष का मुद्दा मंगलवार को बदला हुआ था। प्रश्नकाल शुरू हुए अभी आधा घंटा ही हुआ था कि सपा के नरेंद्र वर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को एयरपोर्ट पर प्रयागराज जाने से रोकने पर नाराजगी जताते हुए सरकार से जवाब मांगा। वर्मा का साथ देने को संजय गर्ग, नफीस अहमद, शैलेंद्र यादव, उज्जवल रमण, रफीक अंसारी और अमिताभ वाजपेयी आदि ने भी हंगामा शुरू कर दिया। गठबंधन धर्म निभाते हुए बसपा के सदस्य भी समर्थन में आ गए। माहौल गर्माता देख कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू, नरेश सैनी, मसूद अख्तर व सोहिल अंसारी भी हंगामे में शामिल हो गए। वेल में पहुंचे विपक्ष को समझाने की विधानसभा अध्यक्ष हृृदयनारायण दीक्षित ने कोशिश की। सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया परंतु विपक्षी मानने को राजी न थे। माहौल बिगड़ता देख अध्यक्ष ने पहले 20 मिनट व बाद में 12.20 बजे तक कार्यवाही स्थगित की। दलीय नेताओं से वार्ता करके सदन व्यवस्थित करने की कोशिश की गयी परंतु बात नहीं बनी। प्रश्नकाल के बाद दस मिनट के लिए कार्यवाही फिर स्थगित की गई।   

किसी सूरत में शांति व्यवस्था न बिगडऩे देंगे

हंगामे के बीच ही संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने अखिलेश को रोके जाने की वजह बताते हुए कहा कि प्रयागराज में दो छात्र गुटों में आपसी टकराव के चलते वहां अखिलेश का जाना प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं था। वहां के जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर सरकार ने प्रयागराज जाने से अखिलेश को रोका ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।   खन्ना ने सख्त लहजे में कहा कि किसी को भी कानून व्यवस्था बिगाडऩे की इजाजत नहीं दी जाएगी। इस पर विपक्ष ने नारेबाजी तेज कर दी। माहौल सामान्य नहीं होता देखकर फटाफट एजेंडे में दर्ज कार्यवाही को निपटा दिया गया और सदन बुधवार प्रात: 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया।

Posted By: Dharmendra Pandey

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