जेएनएन, लखनऊ। डुप्लीकेट पंजाब मेल की जनरल बोगी में शनिवार सुबह आग लगने से खलबली मच गई। मुरादाबाद में यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी। इसके बाद आगे की दौड़धूप के बाद आग बुझाने का काम शुरू हुआ। गोरखपुर और रायबरेली में भी बड़े ट्रेन हादसे होने से बच गए। हादसों की आहट से रेल संचालन प्रभावित हुआ।

ट्रैक पर ही कार छोड़कर भागे

रेलवे ट्रैक पार करते समय कार फंस गई और उसमें सवार युवक ट्रैक पर ही कार छोड़कर फरार हो गए। ट्रैक पर कार देख आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए और उन्होंने इसी दौरान गुजरने वाली गोंडा-गोरखपुर पैसेंजर ट्रेन को लालटेन दिखाकर रोका। ट्रेन रुकने के बाद कार हटाई गई। ट्रैक पर ट्रेन करीब 45 मिनट खड़ी रही। ट्रेन संख्या 15528 रात करीब 8:30 बजे सहजनवां रेलवे स्टेशन पर पहुंचती है। रात को गोंडा से चलने के बाद ट्रेन रास्ते में लेट होती गई। इसी बीच लखनऊ की तरफ से आ रही कार संख्या यूपी 52 एएम 0345 में सवार युवक रात करीब पौने 10 बजे कार को फोरलेन के बजाय सर्विस लेन में उतर कर सीहापार ओवर ब्रिज के नीचे लेकर चले गए। वहां वे कार को रेलवे ट्रैक पर चढ़ाकर पार करने लगे, लेकिन सुरक्षा के लिए लगायी गई रेङ्क्षलग से टकराकर कार ट्रैक पर फंस गई। ट्रैक पर कार फंसने के बाद उसमें सवार युवकों ने उसे निकालने का प्रयास किया, मगर सफलता न मिलने पर कार छोड़कर भाग गए। कार में सवार युवकों के बारे में कुछ पता नहीं चल रहा है, मगर कार देवरिया के संजय कुमार के नाम से पंजीकृत है। सहजनवां रेलवे स्टेशन के अधीक्षक विनय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रेल ट्रैक पर कार खड़ी होने पैसेंजर ट्रेन 45 करीब मिनट खड़ी रही। 

डुप्लीकेट पंजाब मेल की बोगी से लगी आग

मुरादाबाद में मतलबपुर व कांठ स्टेशन के बीच शनिवार सुबह 8.15 बजे अमृतसर से हावड़ा जाने वाली डुप्लीकेट पंजाब मेल मतलबपुर व कांठ स्टेशन के बीच गुजर रही थी। इस दौरान एक जनरल कोच से धुआं निकलने लगा। यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी। यात्री शॉर्ट सर्किट से कोच में आग लगने की बात कहते हुए उतरकर भागने लगे। इस दौरान कोच की बिजली बंद कर दी गई। गार्ड और अन्य कर्मियों ने धुएं पर काबू पाया। 20 मिनट बाद ट्रेन को रवाना किया गया। मुरादाबाद स्टेशन पर तकनीकी कर्मियों के साथ आरपीएफ, यांत्रिक और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम ने जांच की। कोच के बीच में पंखे के बराबर में प्लाई उखड़ी थी। इसमें नमकीन के रैपर, प्लास्टिक व कागज रखे थे। संभावना है कि किसी यात्री ने बीड़ी पीकर इसी कूड़े में फेंक दी। इससे धुआं निकलना शुरू हो गया। मौके से कागज व प्लास्टिक का अधजला बैग मिला है। मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि कोच में आग नहीं लगी थी, बीड़ी फेंकने से कूड़े से धुंआ निकल रहा था।

सतर्कता से टली एक बड़ी ट्रेन दुर्घटना

थोड़ी सी सतर्कता से रायबरेली के डलमऊ शनिवार को एक बड़ी दुर्घटना का गवाह बनते-बनते बच गया। रेल की पटरी टूटी हुई थी और ट्रेन आ गई। मगर, समय रहते ही ट्रेन को रोक लिया या।  डलमऊ और राधाबालमपुर रेलवे स्टेशन के बीच नसीरपुर गांव पड़ता है। यहां एक जगह रेलवे लाइन की एक पटरी टूटी हुई थी। सुबह शौच के लिए उधर आए ग्रामीणों ने देखा तो उनके होश उड़ गए। इसी बीच रायबरेली से कानपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन 54211 आती दिखी। लोगों ने उसे रोकने की कवायद शुरू की। लाल कपड़ा लेकर खड़े हुए और ट्रैक पर आग लगा दी। ताकि ट्रेन के लोको पायलट इशारों को आसानी से समझ सके। लोको पायलट ब्रजेंद्र कुमार ने यह सब देख आनन-फानन इमरजेंसी ब्रेक लगाकर समय रहते ट्रेन रोक दी। इसके बाद सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। ग्रामीणों और लोको पायलट की इस सूझबूझ से ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची। ट्रेन तब तक आगे नहीं बढ़ी, जब तक पटरी दुरुस्त नहीं हुई। इसमें करीब डेढ़ घंटे का समय लग गया। इससे यात्री परेशान हुए। 

 

Posted By: Nawal Mishra