लखनऊ, जेएनएन। लखनऊ की हवा में अब भी जहर बरकरार है। शनिवार को राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 388 दर्ज किया गया। एक दिन पहले यहां का एक्यूआइ 412 था। अब भी एक्यूआइ मानक के अनुसार करीब आठ गुना ज्यादा है। एक्यूआइ स्टैंडर्ड 50 होता है। शनिवार को लखनऊ जहरीली हवा के मामले में छठे स्थान से खिसक कर सातवें पायदान पर पहुंचा लेकिन, हालात में बहुत सुधार नहीं है। इसे बहुत खराब की श्रेणी में रखा गया है। वायु प्रदूषण का स्तर ठीक न होने से अस्पतालों में सांस के रोगी बढ़ रहे हैं। 

राजधानी के अलावा यूपी में ग्रेटर नोएडा में 420 एक्यूआइ, बुलंदशहर का एक्यूआइ 415 और गाजियाबाद का एक्यूआइ 403 दर्ज किया गया। यानी वायु प्रदूषण के मामले में यूपी की स्थित ठीक नहीं है। इन सभी जिलों को वायु प्रदूषण के हिसाब से सबसे खराब श्रेणी में रखा गया है। वहीं देश में सबसे ज्यादा जहरीली हवा फरीदाबाद की रही यहां पर एक्यूआइ 440 दर्ज किया गया। दिल्ली का एक्यूआइ 401 दर्ज किया गया। 

 

10 नवंबर को टॉप शहरों का एक्यूआइ 

शहर             - एक्यूआइ

फरीदाबाद      - 440

ग्रेटर नोएडा    - 420

बुलंदशहर      - 415

गाजियाबाद  - 403

दिल्ली         - 401

भिवाड़ी       - 390

लखनऊ      - 388

पांच दिनों से लखनऊ बहुत खराब श्रेणी में 

एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) पिछले करीब पांच दिनों से लगातार बहुत खराब श्रेणी में चल रहा है। एक्यूआइ 301 से 400 के बीच बहुत खराब श्रेणी और 401 से ऊपर आपात श्रेणी में होता है। वहीं 0 से 50 तक की स्थिति अच्छी मानी जाती है। वहीं 51 से 100 संतोषजनक और 100 से 200 के बीच एक्यूआइ मध्यम स्थिति में माना जाता है। ऐसे में  लखनऊ में बीते छह नवंबर को एक्यूआइ 325 था, सात नवंबर को 309 था, आठ नवंबर को 412 और नौ नवंबर को एक्यूआइ 377 दर्ज किया गया था। यह बहुत खराब श्रेणी में है। 

 

Posted By: Anurag Gupta