लखनऊ, जेएनएन। फायर विभाग के लापरवाही के कारण विकासनगर सेक्टर नौ स्थित रोहतास अपार्टमेंट में 17 साल से 156 परिवार आग के मुहाने पर रह रहे थे। वर्ष 2001 से अपार्टमेंट की फायर एनओसी का नवीनीकरण ही नहीं हुआ था। यह जानकारी सीएफओ विजय कुमार सिंह ने दी। यहां पर फायर सुरक्षा के मद्देनजर लगे उपकरण भी ध्वस्त पड़े थे। 

इसका खुलासा शुक्रवार को रिटायर्ड मेजर अभिषेक राय के यहां हुए अग्निकांड के दौरान हुआ। सीएफओ ने बताया कि वर्ष 2007 में फायर विभाग द्वारा अग्नि सुरक्षा अधिनियम के तहत 3/4 की नोटिस जारी किया गया था। बावजूद इसके अपार्टमेंट स्वामी अथवा सोसाइटी द्वारा फायर फाइटिंग की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं कराई गई थी। सीएफओ के मुताबिक अग्निकांड के दौरान अपार्टमेंट में फायर अलार्म सक्रिय था। आग लगते ही अलार्म बज गया था। वहीं, लोगों ने हौज पाइप आन किया तो वह जाम पड़ा था। अगर हौज पाइप काम कर रहा होता तो आग इतनी विकराल न होती। सीएफओ ने बताया कि अपार्टमेंट स्वामी अथवा सोसाइटी के खिलाफ नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। 

रिटायर्ड मेजर ने फायर विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप 

रिटायर्ड मेजर अभिषेक राय ने बताया कि सूचना पर पहली बार दमकल कर्मी पहुंचे तो वह हाइड्रोलिक प्लेटफार्म नहीं लेकर आए थे। उन्हें सूचना के समय ही बता दिया गया था आठवें तल पर आग लगी है। इसके बाद हाइड्रोलिक प्लेटफार्म मंगवाई गई। इस बीच करीब पौने घंटे का समय नष्ट हुआ। 

संभवत: पटाखे से लगी आग 

अभिषेक के मुताबिक आग किसी पटाखा (राकेट) से लगी है। उनके अनुसार बालकनी में कुछ कपड़े पड़े थे। संभवत: राकेट कपड़ों से टकराया और आग लग गई। आग की तपिश से सिलिंडर फटा तो पूरे फ्लैट में आग फैल गई। अग्निकांड के दूसरे दिन भी अपार्टमेंट के सुरक्षा कर्मियों ने मीडियाकर्मियों को अंदर नहीं जाने दिया। वहीं, एफएसओ इंदिरानगर ने बताया कि आग के कारणों की जांच की जा रही है। 

सब कुछ हो गया राख, बचे सिर्फ शरीर के कपड़े 

अभिषेक ने बताया कि उनके फ्लैट में रखी सारी गृहस्थी जल गई। सिर्फ एक जोड़ी कपड़ा बचा जो उन्होंने पहन रखा था। इसके अलावा सबकुछ जलकर राख हो गया। 

Posted By: Anurag Gupta