लखनऊ(जेएनएन)। राजधानी के अवध टाइगर अकादमी के प्रशिक्षु प्रभात मौर्या अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत इन दिनों सुर्खियों में हैं। महज दस साल की उम्र में प्रभात के पिता ने क्रिकेट की बारीकियों से रूबरू होने के लिए शहर के अवध टाइगर अकादमी में उनका दाखिला करवाया। इसके कुछ साल बाद ही इस युवा खिलाड़ी ने राजधानी के कई बड़े टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन की छाप छोड़ी।

पिछले साल ही प्रभात ने बंगाल का रुख किया, जहां उन्हें 2017 में वीनू मांकड ट्रॉफी में खेलने का मौका मिल गया। यह टूर्नामेंट इस युवा खिलाड़ी के लिए वरदान साबित हुआ। प्रभात ने इसमें हरफनमौला खेल का प्रदर्शन करते हुए 14 विकेट हासिल किए और शानदार 135 रन भी बनाए। इस जबर्दस्त प्रदर्शन का इनाम भी प्रभात को तुरंत मिला। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) ने उन्हें लखनऊ में खेली जा रही अंडर-19 वनडे चलैंजर ट्रॉफी के लिए इंडिया येलो टीम में शामिल किया। यहां भी प्रभात ने अपने दमदार प्रदर्शन को जारी रखा और शनिवार को इंडिया ग्र्रीन के खिलाफ खेले गए पहले ही मुकाबले में चार विकेट झटककर अपने इरादे बता दिए।

हालांकि इसके बावजूद येलो की टीम मैच हार गई। प्रभात मध्यम वर्ग परिवार से ताल्लुक रखते हैं उनके पिता यूपी पुलिस में सिपाही, जबकि मां गृहणी हैं। प्रभात के कोच मुहम्मद वसी ने बताया कि वह जुझारू खिलाड़ी है और उसमें लक्ष्य पाने की अपार क्षमता भी है। शायद यही वजह है कि प्रभात लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही वह सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाने में कामयाब होगा। 

 

Posted By: Anurag Gupta