लखनऊ (जेएनएन)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) राम मंदिर, लव-जिहाद, धर्मांतरण, गोरक्षा, घर वापसी जैसे हिंदुत्व के मुद्दों को धार देगी। इसकी तैयारी हो चुकी है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने रविवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि पांच अक्टूबर को दिल्ली में संत समाज की और 31 जनवरी से इलाहाबाद कुंभ में होने वाली धर्म संसद में इन मुद्दों पर चर्चा होगी। संत समाज और धर्म संसद के निर्णय के अनुसार ही विहिप इन मुद्दों पर अपनी रणनीति बनाएगी। 

मंदिर को भव्य रूप देना बाकी

राम मंदिर निर्माण का समय पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि छोटा सा मंदिर तो उसी समय बन गया जब रामभक्तों ने विवादित ढांचे को ढहा दिया था। भव्य मंदिर निर्माण के लिए पत्थर तराशे जा रहे हैं। कानूनी बाधाएं दूर होते ही निर्माण शुरू हो जाएगा। मंदिर के लिए एससी-एसटी की तर्ज पर कानून लाने के सवाल पर परांडे ने कहा कि इसका जवाब सरकार ही दे सकती है।

मुझे नहीं पता कि राहुल हिंदू हैं या नहीं

राहुल गांधी के कैलास मानसरोवर यात्रा के बारे में पूछे जाने पर परांडे ने कहा कि मुझे नहीं पता वह हिंदू हैं या नहीं। अगर वह घोषित रूप से हिंदू बन जाते हैं तो उनका स्वागत है। उनका ही नहीं, जो भी घर वापसी करेगा उन सबका स्वागत है। हिंदुओं की अनदेखी कर इस देश में राजनीति करना संभव नहीं। 

मोदी ही बताएं क्यों गए मस्जिद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मस्जिद क्यों गए, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका जवाब तो मोदी ही दे सकते हैं। बांग्लादेशी घुसपैठियों के सवाल पर उनका कहना था कि जो शरणार्थी बनकर आते हैं उनको ही नागरिकता दें, बाकी को पूरी कठोरता से बाहर निकालें। ऐसा न करने से ही पूर्वोत्तर के कई राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं। 

उप्र में बढ़ी धर्मांतरण की घटनाएं 

परांडे ने कहा कि उप्र में मिशनरियों द्वारा धर्मांतरण की घटनाओं में वृद्धि हुई है। मेरी सरकार से अपील है कि वह इस तरह की असंवैधानिक गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाए।

मातृशक्ति को जोडऩे के लिए चलेगी मुहिम

परांडे ने कहा कि 25 सितंबर से दो अक्टूबर तक उक्त मुद्दों के साथ नशा मुक्ति और युवाओं में अच्छे संस्कार डालने के लिए बजरंग दल जागरूकता अभियान चलाएगा। मातृशक्ति को जोड़ कर संगठन को और मजबूत करने के लिए भी अभियान चलेगा। 

21 अक्टूबर को तोगडिय़ा अयोध्या कूच

सहारनपुर (जेएनएन)। अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगडिय़ा ने प्रधानमंंत्री मोदी पर जमकर हमला बोला। कहा कि मोदी के दो चेहरे हैं। हमने उन्हें राममंदिर का वकील बनाकर भेजा था, लेकिन वे तीन तलाक में मुसलमानों के वकील बन बैठे। 

रविवार को यहां आयोजित कार्यक्रम में डॉ. तोगडिय़ा ने पत्रकारों से कहा कि राममंदिर के लिए 22 राज्यों और केन्द्र में भाजपा की सरकार बनाई। लेकिन प्रधानमंत्री ने राम को छोड़ा, किसान, मजदूर और धारा 370 को भी छोड़ दिया। राम की आरती करने के स्थान पर इंदौर में मस्जिद से प्रेम करने लगे। कहा कि यदि सरकार ने राममंदिर का वायदा पूरा नहीं किया तो अगली सरकार हिन्दुओं की बनेगी। उन्होंने कहा कि राममंदिर के लिए संसद में कानून बनाया जाना चाहिए। तोगडिय़ा ने कहा कि वह कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन हिन्दू राजनीति को खड़ा करेंगे। सरकार को उसका वायदा याद दिलाने के लिए 21 अक्टूबर को लखनऊ से हजारों कार्यकर्ताओं के साथ अयोध्या कूच करेंगे। इसके बाद डॉ.तोगडिय़ा ने राममंदिर निर्माण का संकल्प दिलाते हुए हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। 

Posted By: Nawal Mishra