लखनऊ(जागरण संवाददाता)। एक साल से लखनऊ मेट्रो द्वारा की जा रही उपकेंद्र की कवायद पूरी होने जा रही है। चंद सप्ताह बाद इस उपकेंद्र को चार्ज करने के बाद मेट्रो स्टेशनों पर भी सप्लाई दी जा सकेगी। वहीं, दिसंबर में प्री ट्रॉयल को लेकर भी लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) ने तैयारिया तेज कर दी हैं। उपकेंद्र को दोगुनी क्षमता का बनाया जा रहा है, जिससे अगर गोमती नगर भी मेट्रो को ले जाना है तो इस उपकेंद्र से चलाई जा सके। एलएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने बताया कि अब दो उपकेंद्र नार्थ-साउथ कॉरिडोर में हो गए हैं। पहला कानपुर रोड स्थित ट्रासपोर्ट नगर के डिपो में बनाया गया था। इससे ट्रासपोर्ट नगर से चारबाग मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो चलाई जा रही है। अप्रैल 2019 में चौधरी चरण सिंह मेट्रो स्टेशन व अमौसी मेट्रो स्टेशन भी इसी उपकेंद्र से जुड़ जाएगा। वहीं हुसैनगंज, सचिवालय और हजरतगंज स्टेशन पर भी उपकेंद्रों से सप्लाई दी जाएगी। चिनहट ट्रासमिशन लाइन से फैजाबाद रोड स्थित ट्रासमिशन लाइन तक लखनऊ मेट्रो ने भूमिगत लाइन डालने का काम बेहतर तरीके से कर लिया है। मेट्रो ने सड़क के दोनों ओर भूमिगत लाइन डाली हैं। अभियंताओं के मुताबिक भविष्य में अगर एक लाइन में गड़बड़ी आती है तो विकल्प के तौर दूसरी लाइन से सप्लाई चालू कर दी जाएगी।

सोलर एनर्जी से रोशन होगा उपकेंद्र:

महिला पालीटेक्निक में बनाए गए उपकेंद्र में लगे पंखे व एसी, सोलर एनर्जी से चलेंगे। यहा लखनऊ मेट्रो दस किलोवॉट का सोलर पैनल लगाएगा। इससे पहले ट्रासपोर्ट नगर स्थित डिपो में भी लगाया गया था। इससे हर साल लाखों की बिजली बच सकेगी। नवंबर से चार्ज हो जाएगी मेट्रो की ओएचई:

लखनऊ मेट्रो के अधिकारियों की माने तो समय समय पर ट्रैक पर ओएचई की टेस्टिंग होती रहेगी, लेकिन नवंबर के अंतिम सप्ताह से पूरी लाइन चार्ज कर दी जाएगी। यही नहीं स्टेशनों पर बिजली आपूर्ति भी महिला पॉलीटेक्निक से दी जानी शुरू हो जाएगी।

मेट्रो को मिलेगा निदेशक संचालन :

लखनऊ मेट्रो को आगामी दो माह में निदेशक संचालन मिलने जा रहा है। अभी तक निदेशक रोलिंग स्टाक महेंद्र कुमार के पास ही मेट्रो संचालन से जुड़ा जिम्मा था। एलएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि निदेशक संचालन मेट्रो को मिलने से नार्थ साउथ कॉरिडोर को रफ्तार मिल सकेगी।

Posted By: Jagran