लखनऊ (जेएनएन)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार लाल किले से देश को सम्बोधन करते समय उत्तर प्रदेश को एशिया के सबसे बड़े एयर शो एयरो इंडिया 2019 की सौगात दे सकते हैं। लखनऊ में एयरो इंडिया की तारीख वायुसेना मुख्यालय ने तय कर दी। यह शो लखनऊ में वायुसेना स्टेशन, बक्शी का तालाब पर एक से 4 नवम्बर तक होगा। इसकी औपचारिक घोषणा पहले 11 अगस्त को रक्षामंत्री को अलीगढ में करना था। अब इसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को लाल किला की प्रचीर से कर सकते हैं।

वायुसेना की टेक्निकल टीम के 40 सदस्यों ने वायुसेना स्टेशन, बक्शी का तालाब का पिछले दिनों निरिक्षण किया था। टीम ने अपनी रिपोर्ट रक्षा मंत्री को सौप दी है। एयरो इंडिया के दौरान बक्शी का तालाब वायुसेना स्टेशन के साथ चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट का इस्तेमाल भी किया जाएगा।

वायुसेना स्टेशन, बक्शी का तालाब में अमेरिका सहित कई देशों से आये विमानों को लैंड करवाने के बाद यहां एक से चार नवम्बर तक प्रदर्शनी के लिए खड़ा किया जाएगा। जिसमे अमेरिका का मालवाहक जहाज सी 5 भी होगा। बी के टी में जगह की कमी को देखते हुए कुछ ही जहाजो को यहां से फ्लाई किया जाएगा। जबकि कई विमान चौधरी चरण सिंह अंतररास्ट्रीय एयरपोर्ट से रवाना होंगे। इसको लेकर एयर शो की तैयारी के लिए सेंट्रल एयर कमांड, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, यू पी सरकार के अधिकारियो और एचएएल सहित कई एजेंसी की बैठक हो चुकी है। बीकेटी वायुसेना स्टेशन के रनवे का निरिक्षण भी हो गया है। ए टी सी को भी परखा गया है। इस एयरशो में जमीन की सुरक्षा किसके हाथ होगी, पुलिस के साथ कौन सी एजेंसी सुरक्षा करेगी और बेरिकेडिंग सहित दर्शको का प्रवेश कहां तक होगा ये भी तय हो गया है। जबकि आसमान में उड़ रहे हर विमान पर मेमौरा वायुसेना स्टेशन से नजऱ रखी जाएगी।

पिछले दिनों इस प्रसाशनिक वायुसेना स्टेशन को ऑपरेशन के लिए तैयार कर लिया गया है। करीब 4 हजार लोग इसको देखने बाहर से आ रहे हैं। जिनको होटलो में ठहराया जाएगा। शो के लिए दर्शको को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में प्रस्तावित रक्षा औद्योगिक विनिर्माण कॉरिडोर (डीआईएमसी)को बढ़ावा देने को एयरो इंडिया -2019 को लखनऊ में स्थानांतरित किया है। भारतीय वायु सेना का व्यापारिक हवाई शो कार्यक्रम का 12 वां संस्करण लखनऊ के बक्शी का तालाबा वायुसेना स्टेशन में आयोजित किया जाएगा। यह पहली बार होगा कि इस कार्यक्रम को बंगलुरू की बजाय लखनऊ में आयोजित किया जा रहा है। पिछले साल सितंबर से बक्शी का तालाबा वायुसेना स्टेशन पर अपग्रेडेशन हो रहा है। रनवे को ट्रांसपोर्ट विमान ग्लोबमास्टर हरक्यूलिस सी -17, मिराज, जगुआर और सुखोई के लिए तैयार किया जा रहा है। जामनगर जैसे वायुसेना स्टेशन की तरह लखनऊ को एडवांस रडार से लैस एटीसी भी बनाया जा रहा है। इससे भारत के मध्य स्थित वायुसेना स्टेशन की क्षमता भी और बढ़ेगी।

लखनऊ में स्थित सैन्य हवाई अड्डा केन्द्रीय वायु सेना के नियंत्रण में है। लखनऊ को देश के सबसे बड़े हवाई प्रदर्शनी की मेजवानी के लिये तैयार किया जा रहा है। आयोजकों ने 2016 में बहुत छोटे पैमाने पर एक एयरो शो आयोजित किया था। 5,000 आगंतुकों के लिये यातायात, सुरक्षा और बुनियादी ढांचा तैयार करने की एक बड़ी चुनौती है। एयरो इंडिया का 11 वां संस्करण 14 से 18 फरवरी 2017 तक आयोजित किया गया था। इसमें कुल 549 कंपनियां जिसमें 270 भारतीय तथा 279 विदेशी थी। इसमें 72 विमानों को शमिल किया गया थ। जिसमें 27,678 वर्गमीटर क्षेत्र कवर किया गया थ। इस आयोजन में 51 विभिन्न देशों में भाग लिया था। इसमें इंडियन वायुसेना, सूर्य किरण टीम (इंडियन वायुसेना), स्कैंडिनेवियाई एयर शो टीम (स्वीडन) और याकोवल्व एयरोबैटिक टीम (यूके) समेत कई देशों की टीमों ने भाग लिया था। 

Posted By: Dharmendra Pandey