लखनऊ[जागरण संवाददाता]। नवनिर्मित आलमबाग बस टर्मिनल से गुरुवार यानी 14 जून को आखिरकार बस सेवाओं की शुरुआत हो गई। दिल्ली समेत पाच रूट की साठ से अधिक बसों को गंतव्य की ओर रवाना किया गया। देर शाम यात्रियों से एसी हाल भरा नजर आया। एआरएम प्रशात दीक्षित के मुताबिक, एडवास टिकट भी काउंटर से बिकना शुरू हो गए हैं। पहले दिन करीब एक लाख रुपये के टिकट बिके। देर शाम बस स्टेशन पर रौनक नजर आई। रोडवेज प्रबंधन ने आगरा, जयपुर, अजमेर, झासी की ओर बसों को रवाना किया। यात्रियों ने स्टेशन की व्यवस्था की तारीफ की। बोले बिल्कुल एयरपोर्ट जैसा नजारा। लगेज स्कैनर से जाच और बसों की प्रतीक्षा के लिए बना एसी हॉल ऐसा बस स्टेशन तो राजधानी दिल्ली में भी नहीं है। वास्तव में राजधानी को ऐसे ही बस स्टेशन की जरूरत थी।

सड़क पर खड़ी होने वाली बसें आज दिखी पार्किंग में :

आमतौर पर बाहर से आने वाली बसें चारबाग मुख्य मार्ग पर ही खड़ी होती थीं। गुरुवार को बाहर से आने वाली कई वातानुकूलित सेवाएं अंडरग्राउंड पार्किंग में नजर आईं। हालाकि चारबाग मार्ग पूरी तरह अभी बसों से मुक्त नहीं हुआ है।

स्कैनर ने खंगाला लगेज तो मेटल डिटेक्टर से तलाशी :

आलमबाग टर्मिनल पर सफर के लिए पहुंचे यात्रियों का लगेज बस स्टेशन पर स्कैनर से खंगाला गया। वहीं बस स्टेशन में प्रवेश करने के लिए उन्हें मेटल डिटेक्टर की जाच से गुजरना पड़ा। यात्रियों ने व्यवस्था को सराहा।

यात्रियों के ऐसे मिले रिएक्शन

- यात्री अंशू पाठक ने बताया कि चारबाग की तरह प्रतीक्षालय में दमघोटू माहौल नहीं। वाराणसी की बस की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यहा शाम तक रुकना पड़े तो क्या दिक्कत। अच्छा प्रयास।

- बलिया निवासी यात्री अरुण यादव कहते हैं कि मेरा हर हफ्ते दिल्ली जाना होता है। अब लगा कि मेट्रो सिटी में हैं। अच्छा प्रयास। एयरपोर्ट जैसी व्यवस्था है।

- यात्री पंकज वशिष्ठ का कहना है कि मेट्रो सिटी में तो यह होना ही चाहिए था। लगेज स्कैनर और मेटल डिटेक्टर से जाच एयरपोर्ट जैसा लग रहा है। टर्मिनल की व्यवस्था तारीफ लायक है।

- यात्री प्रीती ने बताया कि दिल्ली जाना है। चारबाग जैसा जाम नहीं। रास्ता साफ, बस स्टेशन साफ। लगेज लेकर इधर-उधर फादना नहीं पड़ा।

- साजिया बताती है कि झासी जाना है। बस का इंतजार कर रहे हैं। इस चिपचिपाहट भरी गर्मी में यहा का माहौल काफी अनुकूल है।

By Jagran