लखनऊ [राज्य ब्यूरो] उत्तर प्रदेश की सात सीटों हो रहे विधानसभा उपचुनाव में सभी उम्मीदवार साफ-सुधरी छवि के नहीं है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार उपचुनाव में मैदान में उतरे 18 उम्मीदवारों के विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज हैं। मैदान में उतरे 88 उम्मीदवारों में 87 उम्मीदवारों के शपथ्रपत्रों के विश्लेषण में यह तस्वीर सामने आई है। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार 15 उम्मीदवारों के विरुद्ध गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा मैदान में उतरे कुल प्रत्याशियों में 39 फीलद यानी 34 उम्मीदवार करोड़पति हैं। उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 2.91 करोड़ रुपये है।

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बसपा के पांच, सपा के पांच, कांग्रेस के एक व तीन निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इनमें एक प्रत्याशी के विरुद्ध दुष्कर्म का मामला भी दर्ज है। इसके अलावा एक उम्मीदवार के खिलाफ हत्या व चार के विरुद्ध हत्या के प्रयास का गंभीर केस दर्ज है। उपचुनाव में सात में से दो निर्वाचन क्षेत्र संवेदनशील हैं, जहां तीन व उससे अधिक आपराधिक छवि के उम्मीदवार मैदान में हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 15 उम्मीदवारों की संपत्ति 15 करोड़ रुपये से अधिक है। सबसे अधिक संपत्ति वाले प्रत्याशियों की सूची में ब्रह्माशंकर त्रिपाठी, धनंजय सिंह व प्रवीण कुमार सिंह के नाम शामिल हैं, जबकि सबसे कम संपत्ति वाले उम्मीदवारों की सूची में राहुल भाटी, राजन यादवव सतीश कुमार के नाम शीर्ष पर हैं। अपने विरुद्ध सबसे अधिक देनदारी घोषित करने वाले उम्मीदवारों में धनंजय सिंह, संगीता चौहान व राम प्रकाश सिंह पाल के नाम शामिल हैं।

जौनपुर की मल्लाही सीट से चुनाव मैदान में उतरीं डॉ.शालनी मोहन सहाय सबसे अधिक आयकर देने वाली उम्मीदवार हैं। इस सूची में दूसरे नंबर पर देवरिया से चुनाव लड़ रहे ब्रह्माशंकर त्रिपाठी व मल्लाही सीट से चुनाव मैदान में उतरे जय प्रकाश दुबे का नाम तीसरे नंबर पर है। चुनाव मैदान में उतरे 47 उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता स्नातक अथवा उससे अधिक है, जबकि 26 उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता पांचवी से 12वीं कक्षा पास होने के बीच घोषित की है। चुनाव मैदान में नौ महिला उम्मीदवार भी उतरी हैं।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस