जागरण संवाददाता, लखनऊ: प्लाइवुड और विनियर बनाने वाली कंपनी में टैक्स चोरी की जांच में नित नए मामले सामने आ रहे हैं। पौने चार करोड़ की टैक्स चोरी प्रकरण में गुरुवार को भी पड़ताल जारी रही। इसमें एक और राजफाश हुआ है। दिल्ली स्थित जिन फर्मो से कारोबार दिखाया गया है उनमें से कई रेडीमेड गारमेंट्स का काम करती मिलीं तो कई किराना व्यवसाय से जुड़ी पाई गई। इन्हीं फर्मो से प्लाइवुड और विनियर की खरीद दिखाकर आइटीसी (इनकम टैक्स क्रेडिट) क्लेम कर लाभ लिया गया। इस सिलसिले में व्यापारी को नोटिस जारी कर तलब किया गया है।

जैसे-जैसे अभिलेखों की पड़ताल आगे बढ़ रही है, नए राजफाश हो रहे हैं। मोहनलालगंज की जिस फर्म से कारोबार का दावा किया जा रहा है पड़ताल में पता चला कि फर्म किराए पर चल रही है। बिना किसी एग्रीमेंट के कंपनी प्लाइवुड और विनियर बनाकर बेच रही थी। व्यापार स्थल पर भारी मात्रा में यूकेलिप्टस की लकड़ी, कोर विनियर व प्लाइवुड का स्टॉक मिला। सहायक कमिश्नर कुंवर मृत्युजंय कुमार एसआइबी ने बताया कि दिल्ली के रिकॉर्ड चेक कराए गए हैं। पूरी फर्म बोगस मिली हैं। पड़ताल जारी है। टैक्स चोरी का एक बड़ा और शातिराना मामला मामला सामने आया है। जांच में अभी कई और राजफाश होने की उम्मीद है।

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काजू बेचने वाली फर्मो से भी दिखाया कारोबार

एडिशनल कमिश्नर केके उपाध्याय के मुताबिक छह फर्म ऐसी मिलीं जिनमें से एक मैन पावर की आपूर्ति करती है। तो दो फर्म नट्स, काजू, जिंजर और सीड्स आदि का काम करती मिलीं। दो फर्म में बेबी गारमेट्स का काम होता मिला। एक में वॉशबेसिन, एल्युमीनियम प्लेट और रोप का काम होता मिला। यह सभी फर्म दिल्ली की हैं, जिनसे खरीद दिखा आइटीसी का फर्जीवाड़ा किया गया है।

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गजब का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। पड़ताल में सारी फर्म बोगस पाई गई हैं। जिन कंपनियों से खरीद दिखा आइटीसी क्लेम किया है वह तो खासा चौंकाने वाला है। फिलहाल अभी जांच चल रही है। नोटिस जारी कर दी गई हैं। आज तो एक फर्म ऐसी मिली जो किराए पर चल रही थी। बिना किसी नियम कानून के माल बनाकर बेचा जा रहा था।

अनंजय राय, एडिशनल कमिश्नर, वाणिज्यकर

Posted By: Jagran