लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के चार दिन के दौरे पर टीम के साथ आए 15वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एन के सिंह ने उत्तर प्रदेश को बड़ा तोहफा मुहैया कराने का संकेत दिया। लखनऊ में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना तथा अन्य मंत्रियों से भेंट करने के बाद एनके सिंह ने मीडिया से वार्ता की।

एनके सिंह ने उत्तर प्रदेश को मेडिकल कॉलेजों के निर्माण व नर्सिंग तथा अन्य सहयोगी गतिविधियों के लिए अतिरिक्त संसाधन मुहैया कराने का संकेत दिया है। उनके साथ अशोक लहरी, अजय नारायण झा, रमेश चंद्र, अनूप सिंह सदस्य वित्त आयोग भी मौजूद थे।

एनके सिंह ने कहा कि हमारी यूपी यात्रा बहुत अच्छी रही। उत्तर प्रदेश को अब राजनीतिक स्थिरता बड़ा फायदा मिल रहा है। यहां का जीडीपी ग्रोथ औसत से ज्यादा है। उत्तर प्रदेश जैसा माहौल अन्य राज्यों में नहीं दिखा है। यूपी के पास आगे का रोड मैप भी है। इतना ही नहीं यूपी का वित्तीय संचालन सही है। राष्ट्रीय औसत से यूपी की ग्रोथ कम है, लेकिन सरकार ने जो आगे का रोड मैप दिखाया उससे आयोग संतुष्ट है। एन के सिंह ने कहा कि उप्र को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने के लिए अपनी विकास दर को दोगुना करना होगा। वहीं कर्ज के मोर्चे पर उसे संभल कर कदम बढ़ाना होगा। उप्र को ऋण जीडीपी अनुपात में कमी लानी होगी । उप्र साक्षरता, शिशु मृत्यु दर, संस्थागत प्रसव, एनीमिया जैसे सतत् विकास लक्ष्यों में राष्ट्रीय औसत से पीछे है लेकिन पिछले दो वर्षों में यह गैप कम हुआ है ।

एन के सिंह ने कहा कि उप्र ने आबादी और क्षेत्रफल को संसाधनों के वितरण का आधार बनाने की मांग की है। वहीं बेहतर जनसंख्या नियंत्रण करने वाले राज्य इसका विरोध कर रहे हैं । आयोग को समता और कार्यकुशलता के बीच समन्वय बनाना है । कृषि सुधारों के लिए प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों की समिति गठित की है । समिति ने कृषि सुधारों का ड्राफ्ट तैयार कर राज्यों को भेज दिया है । 25 अक्टूबर तक इस पर सुझाव आ जाएंगे । इसके बाद अगले 15 दिनों में समिति कृषि सुधारों का रोड मैप तैयार कर राज्यों को भेज देगी।

एनके सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की ऊर्जा क्षेत्र को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। यहां पर उदय की शर्तों का पूरी तरह पालन नहीं हुआ है। ऊर्जा में लॉस और कर्ज बढ़ा है। ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लॉस 11000 से बढ़ कर 18000 करोड़ रुपए हो गया है। ऊर्जा सेक्टर में उदय योजना की शर्तों का पूरी तरह अनुपालन नहीं हुआ है हम उम्मीद करते हैं, आगे सब ठीक होगा।

पीएम नरेंद्र मोदी के फाइव ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के लक्ष्य के लिए उत्तर प्रदेश की एक ट्रिलियन इकोनॉमी बनना जरूरी है। यूपी में टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन बढ़ाने को लेकर वाराणसी में सराहनीय काम हुआ है। वाराणसी जैसा कार्य अन्य स्थानों पर भी होना चाहिए। लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वर्तमान स्थिति अच्छी नहीं है। आयोग की यूपी के लिए विशेष सहानुभूति रहेगी। उन्होंने कहा कि आयोग का कृषि क्षेत्र में विशेष जोर है। यूपी की जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्र चुनौतियां हैं। हेल्थ और एजुकेशन के कई मापदंडों में यूपी तो राष्ट्रीय औसत से नीचे है। पिछले दो वर्ष में राष्ट्रीय औसत की तरफ बढ़ रहा है। यूपी लगभग सभी राज्यो की 17 प्रतिशत आबादी है, इसलिए वन ट्रिलियन की इकोनॉमी होना जरूरी है। यूपी की ग्रोथ में बड़ी प्रगति की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि जिले के अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेज को विकसित करना होगा। नर्सेस और पैरामेडिकल की ट्रेनिंग के लिए आयोग सहयोग पर सोच रहा है। मेडिकल के लिए करीब 16 हजार करोड़ की आवश्यकता होगी आयोग विचार कर रहा है। उत्तर प्रदेश में प्री-प्राइमरी एजुकेशन को बढ़ाने की जरूरत है। मिलाजुलाकर कह सकते है चुनौतियां हैं, लेकिन संभावनाएं अपार हैं। यूपी सरकार काम कर रही है। यूपी में मुख्यमंत्री के साथ सहयोगी मंत्रियों ने भी बैठक भाग लिया। आयोग आज यूपी की सराहना करते हुए वापस जा रही है।

हमने अब तक 27 राज्यों का दौरा कर लिया है। अब हम गोवा और जम्मू कश्मीर जाएंगे। सभी राज्य पैकेज मांग रहे, हम विचार कर रहे है, आयोग की रिपोर्ट पर ही जवाब मिलेगा।

Posted By: Dharmendra Pandey

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