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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गाजियाबाद-मुरादाबाद रूट पर शुरू हो गई इलेक्ट्रिक लाइन

By Nawal MishraEdited By:
Published: Tue, 19 Jan 2016 09:02 PM (IST)Updated: Tue, 19 Jan 2016 09:06 PM (IST)

गाजियाबाद टू हापुड़-मुरादाबाद रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन का कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) ट्रायल आज सफल हो गया। शाम इलेक्ट्रिक ...और पढ़ें

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लखनऊ। गाजियाबाद टू हापुड़-मुरादाबाद रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन का कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) ट्रायल आज सफल हो गया। जिसके चलते सीआरएस की एनओसी मिलने के बाद शाम इलेक्ट्रिक इंजन की माल गाड़ी को गाजियाबाद से मुरादाबाद के लिए रवाना कर इलेक्ट्रिक लाइन का शुभारंभ कर दिया गया। अफसरों को कहना है कि मुख्यालय के आदेश के बाद जल्द ही रूट पर पैसेंजर ट्रेन भी चला दी जाएगी।

उत्तर रेलवे के कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) एसके पाठक ने मंगलवार को मुरादाबाद टू गाजियाबाद इलेक्ट्रिक लाइन पर सीआरएस ट्रायल किया। दोपहर करीब साढ़े 11 बजे वे इलेक्ट्रिक इंजन से रेल कार व एक बोगी लेकर मुरादाबाद से गाजियाबाद पहुंचे। सीआरएस ट्रायल सफल होने पर ट्रेन संचालन विभाग को एनओसी जारी कर दी गई है। इसके बाद रेलवे के मंडल यातायात डीके चोपड़ा ने मंगलवार शाम करीब पांच बजे रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाली पहली माल गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर गाजियाबाद से मुरादाबाद के लिए रवाना किया। इस दौरान स्टेशन अधीक्षक सुरेश मेहता, सुशील वर्मा, आरपीएफ प्रभारी आरके कन्नौजिया व अन्य अफसर मौजूद रहे। डीके चोपड़ा ने बताया कि ट्रायल सफल होने और माल गाड़ी चलाए जाने के संबंध में पूरी रिपोर्ट मुख्यालय को दे दी गई है। रेलवे मुख्यालय से अनुमति मिलने पर रूट पर जल्द ही पैसेंजर ट्रेन का संचालन भी शुरू करा दिया जाएगा।

ट्रायल ट्रेन संचालन

गाजियाबाद टू हापुड़-मुरादाबाद रूट पर इलेक्ट्रिक लाइन का ट्रायल का ट्रेन संचालन ऐसे ही शुरू नहीं हुआ है। इसके पीछे बड़ा कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत दिसंबर माह के आखिरी में एनएच-24 चौड़ीकरण का शिलान्यास करते हुए नोएडा में घोषणा की थी कि दिल्ली-मुरादाबाद रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का संचालन जल्द ही शुरू होगा। मालूम हो, कि दिल्ली-मेरठ रूट पर गत वर्ष नवंबर माह में ही सीआरएस ट्रायल पूरा हो चुका है। लेकिन पैसेंजर ट्रेन तो क्या माल गाड़ी का संचालन भी रूट पर नहीं हो सका है।