लखनऊ। राज्य के आठ लाख से ज्यादा ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव का भी बिगुल बज गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने शनिवार को दोनों पदों के चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया। चार चरणों में 28 नवंबर से नौ दिसंबर के दरमियान 74 जिलों में वोट डाले जाएंगे। 12 दिसंबर को नतीजे आएंगे। आयोग द्वारा चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में एक बार फिर चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे व अंतिम भाग में ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य पद के चुनाव का कार्यक्रम घोषित करते हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने बताया कि जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्य की तरह इन दोनों पदों के लिए भी 74 जिलों में (गौतमबुद्धनगर जिला और गोंडा की 10 ग्राम पंचायतों को छोड़कर) एक साथ चार चरणों में मतदान कराया जाएगा। मतदान 28 नवंबर, एक, पांच व नौ दिसंबर को सुबह सात बजे से शाम 4.30 बजे तक होगा। नक्सल प्रभावित मीरजापुर, सोनभद्र, चंदौली जिले में मतदान शाम चार बजे तक ही होगा। मतगणना 12 दिसंबर को सुबह आठ बजे से होगी। आयुक्त ने बताया कि प्रत्येक चरण के मतदान समाप्त होने के 48 घंटे पहले से संबंधित क्षेत्र का प्रचार थमने के साथ ही शराब की दुकानें भी बंद होंगी। चुनाव वाले क्षेत्र के आठ किलोमीटर के दायरे में आने वाली शराब की दुकानें भी मतदान समाप्त होने के बाद ही खुल सकेंगी। अग्रवाल ने कहा कि जिला व क्षेत्र पंचायत सदस्य की तरह प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य पद के भी शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए आयोग ने व्यापक इंतजाम किए हैं। आयुक्त ने बताया कि चुनाव की अधिसूचना के साथ ही राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। ऐसे में बिना आयोग की अनुमति के सरकार अफसरों के तबादले नहीं कर सकती है।

8,01,182 पदों के लिए होंगे चुनाव

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि 74 जिलों के 817 ब्लाक के 58,909 ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव होगा। 58,909 ग्राम प्रधान और 7,42,273 ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए वोट डाले जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीएम) को चुनाव संबंधी सूचना रविवार को और निर्वाचन अधिकारियों (पंचायत) को नौ नवंबर को जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। नामांकन की प्रक्रिया 16 नवंबर से शुरू हो जाएगी।

11.42 करोड़ मतदाता डालेंगे वोट

आयुक्त एसके अग्रवाल ने बताया कि अबकी चुनाव में कुल 11.42 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे। इनमें 53.40 फीसद पुरुष तथा 46.60 फीसद महिला मतदाता हैं। कुल मतदाताओं में 51.5 फीसद 35 वर्ष से कम उम्र के युवा हैं। प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव के लिए मतदाता सूची में नाम जोडऩे की मोहलत देने से मतदाताओं की संख्या में पहले से इजाफा हुआ है। प्रधानी चुनाव के लिए कुल ग्रामीण आबादी का अब 66.93 फीसद मतदाता (ईपी रेशियो) हैं।

चार चरणों में 78,739 केंद्रों पर होगा मतदान

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि मतदान के लिए कुल 78,739 मतदान केंद्र और 1,78,683 मतदेय स्थल (पोलिंग बूथ) बनाए गए हैं। पहले चरण में 28 नवंबर को 224 विकास खंड के 15,921 ग्राम प्रधान व 1,99,504 ग्राम पंचायत वार्ड (सदस्य) के लिए 21,096 मतदान केंद्रों पर 3.03 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। दूसरे चरण में 74 के बजाय 73 जिले (श्रावस्ती को छोड़कर) में पहली दिसंबर को 201 विकास खंड के 14,342 ग्राम प्रधान व 1,81,996 ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 19,533 मतदान केंद्रों पर 2.82 करोड़ मतदाता मताधिकार कर सकेंगे। तीसरे चरण में पांच दिसंबर को 207 विकास खंड के 15,045 ग्राम प्रधान व 1,88,689 ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 19,742 मतदान केंद्रों पर 2.89 करोड़ मतदाता और चौथे व अंतिम चरण में नौ दिसंबर को 187 विकास खंड के 13,601 ग्राम प्रधान व 1,72,084 ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 18,368 मतदान केंद्रों पर 2.68 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे। 12 दिसंबर को मतगणना के साथ चुनाव की पूरी प्रक्रिया 36 दिन में खत्म हो जाएगी।

तीन लाख से ज्यादा जवानों की ड्यूटी

राज्य निर्वाचन आयुक्त अग्रवाल ने बताया कि शांतिपूर्ण, निष्पक्ष व पारदर्शी चुनाव के लिए आयोग ने एक बार फिर केंद्रीय अद्र्धसैनिक बल की मांग की है। आयोग ने तो पूर्व में 423 कंपनी चाही थी लेकिन राज्य सरकार ने अब 250 कंपनी अद्र्धसैनिक बल केंद्र सरकार से मांगा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तनावपूर्ण हालात को देखते हुए उन्होंने खुद भी पंचायत चुनाव के लिए केंद्रीय अद्र्धसैनिक उपलब्ध कराए जाने के संबंध में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात की है। चूंकि अब बिहार का चुनाव खत्म हो चुका है और देश के दूसरे राज्यों में भी पहले से हालात बेहतर दिख रहे हैं इसलिए केंद्रीय बल मुहैया कराने पर गृहमंत्री का सकारात्मक रुख लग रहा है। प्रधानी के चुनाव को कहीं ज्यादा संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण मान रहे आयुक्त ने बताया कि आयोग ने चुनाव में तीन लाख से ज्यादा पुलिस व अन्य बल लगाए जाने का फैसला किया है। पहले की तरह थानों का 70 फीसद पुलिस बल चुनाव में लगाया जाएगा।

अति संवेदनशील प्लस केंद्रों में वीडियोग्राफी

फिलहाल केंद्र से पर्याप्त अद्र्धसैनिक बल न मिलने और प्रदेश के खराब माहौल को देखते हुए आयोग ने पहले की तरह मतदान केंद्रों की सामान्य, संवेदनशील और अति संवेदनशील श्रेणी के साथ ही 'अति संवेदनशील प्लस ' की भी श्रेणी बनाए रखी है। आयुक्त ने बताया कि ऐसे केंद्रों पर मतदान शुरू होने से अंत तक उसकी वीडियो रिकार्डिंग करायी जाएगी। स्ट्रांग रूम (जहां मतपेटियां रखी जाएंगी) की निगरानी के लिए पुलिस व पीएसी लगाए जाने के साथ ही सीसीटीवी से भी नजर रखी जाएगी। पूरी मतगणना प्रक्रिया की भी वीडियोग्राफी करायी जाएगी। बिजली के लिए जनरेटर की व्यवस्था रहेगी।

वरिष्ठ प्रशासनिक अफसर होंगे पर्यवेक्षक

आयुक्त ने बताया कि पहले भाग की तरह इस भाग के चुनाव में भी प्रमुख सचिव-सचिव व विशेष सचिव स्तर के आइएएस व वरिष्ठ पीसीएस अफसरों को प्रेक्षक बनाकर नियुक्ति किया जाएगा। प्रत्येक जिले के लिए दो प्रेक्षक होंगे। इनमें से एक प्रेक्षक पहले दो चरणों के लिए तथा दूसरा प्रेक्षक तीसरे व चौथे चरण के साथ ही मतगणना के लिए होगा। पूर्व में जिन्हें जिन जिलों का प्रेक्षक बनाकर भेजा गया था उन्हें उन्हीं जिलों का फिर प्रेक्षक बनाया जाएगा। आयुक्त ने कहा कि वरिष्ठ अफसरों को प्रेक्षक बनाए जाने से शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनाव कराने में आयोग को काफी मदद मिली।

ऑनलाइन देखे जा सकेंगे नतीजे

आयुक्त ने बताया कि चुनाव संबंधी कोई भी जानकारी आयोग की वेबसाइड ली जा सकती है। जिला व क्षेत्र पंचायत के चुनाव की तरह आठ लाख से ज्यादा प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य पद के नतीजे भी वेबसाइट पर ऑनलाइन देखे जा सकेंगे। जिन प्रत्याशियों के मोबाइल नंबर नामांकन फार्म में लिखे होंगे, विजयी होने पर उनको मोबाइल पर एसएमएस के जरिए परिणाम की जानकारी दी जाएगी। जल्द नतीजे आ सकें इसके लिए तेजी से मतगणना के कार्य को पूरा करने को ज्यादा टेबिल लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। 15 मतदान स्थल या सात ग्राम पंचायत तक के प्रधान पद के लिए एक टेबिल व सदस्य पद के लिए दो टेबिल लगाकर मतों की गणना कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे अधिक होने पर तीन और टेबिल लगाने के लिए जिलाधिकारियों से कहा गया है। मतदान या मतगणना के लिए कर्मियों की संख्या कम न पड़े इसके लिए अब 10 के बजाय 15 फीसद तक कर्मचारियों को रिजर्व रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।

अध्यक्ष चुनाव अधिसूचना 15 दिसंबर के आस-पास

राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने बताया कि 12 दिसंबर को प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य पद के मतों की गणना के साथ ही चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 15 दिसंबर के आसपास अधिसूचना जारी की जाएगी। तकरीबन तीन सप्ताह में चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 13 जनवरी को और मौजूदा ब्लाक प्रमुखों का कार्यकाल 17 मार्च को खत्म हो रहा है। आयुक्त ने बताया कि जनवरी में अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया खत्म होने के बाद ब्लाक प्रमुख पद के लिए चुनाव कराए जाएंगे।

प्रधानी चुनाव : एक नजर

जिलों की संख्या - 74 (गौतमबुद्धनगर व गोंडा की 10 ग्राम पंचायतें छोड़कर)

- विकास खंडों की संख्या - 817

- ग्राम पंचायतों की संख्या - 58,909

- ग्राम पंचायतों के वार्ड - 7,42,273

- मतदान केंद्रों की संख्या - 78,739

- कुल मतदान स्थल - 1,78,683

- कुल मतदाता - 11.42 करोड़

- पुरुष मतदाता - 53.4 फीसद

- महिला मतदाता - 46.6 फीसद

- 35 वर्ष से कम के वोटर - 51.5 फीसद

मतदान के चरण

- पहले चरण का मतदान - 28 नवंबर

- दूसरे चरण का मतदान - 01 दिसंबर

- तीसरे चरण का मतदान - 05 दिसंबर

- चौथे चरण का मतदान - 09 दिसंबर

- मतगणना - 12 दिसंबर

चुनाव में लगने वाला पुलिस बल

- जिला पुलिस बल - 81,068

- दूसरे जिले का पुलिस बल - 4,676

- प्रशिक्षण केंद्रों से पुलिस बल - 36,741

- होमगार्ड के जवान - 93,000

- प्रांतीय विकास दल के जवान - 12,963

- ग्रामीण चौकीदार - 1,05,289

-अतिरिक्त पीएसी बल - 139 कंपनी

Posted By: Nawal Mishra