प्रदेश में 12 विभाग मिलकर करेंगे बुजुर्गों की देखभाल, तैयार किया जा रहा देखभाल करने वालों का नेटवर्क
Old Age Person Caring: महिला एवं बाल विकास विभाग क्रेच, चाइल्ड केयर और आंगनबाड़ी आधारित सेवाओं को इससे जोड़ेगा।

बुजुर्गों की बढ़ती संख्या के बीच उनकी देखभाल की व्यवस्था
HighLights
प्रशिक्षण से लेकर पंजीकरण और रोजगार तक की होगी व्यवस्था
देश में बढ़ रही 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों की आबादी
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : बुजुर्गों की बढ़ती संख्या के बीच उनकी देखभाल की व्यवस्था को सरकार संगठित सेवा और रोजगार के क्षेत्र के रूप में विकसित करने जा रही है।
इसके लिए प्रदेश भर में प्रशिक्षण देखभालकर्ताओं (केयर गिवर्स) का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसमें महिलाओं को विशेष रूप से जोड़कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। केयर गिवर्स के प्रशिक्षण, प्रमाणन, पंजीकरण और रोजगार को एक ही व्यवस्था से जोड़ने के लिए समाज कल्याण विभाग अलग से एक डिजिटल प्लेटफार्म भी विकसित किया जाएगा।
केंद्र सरकार के अनुसार देश में 60 वर्ष से अधिक आयु की आबादी 2011 में करीब 10.38 करोड़ थी, जो लगातार बढ़ रही है। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों की घर पर देखभाल, चलने-फिरने में सहायता, दवा और दैनिक गतिविधियों में सहयोग जैसी सेवाओं की मांग बढ़ेगी। इसके लिए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने मई में शतायु डैशबोर्ड शुरू किया है।
इसका उद्देश्य प्रशिक्षित जीरियाट्रिक केयर गिवर्स का राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल नेटवर्क बनाना है। इसमें केयर गिवर्स के पंजीकरण और जरूरतमंद परिवारों से संपर्क की सुविधा भी है। केंद्र की ओर से राज्यों को भी इस तरह का नेटवर्क तैयार करने के लिए कहा गया है।
जिसके बाद उप्र में बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांगजन और अन्य जरूरतमंदों की देखभाल को संगठित करने के लिए चरूपेरखा तैयार की गई है। इसमें नोडल विभाग के रूप में समाज कल्याण सहित 12 विभागों को जिम्मा दिया गया है। इसमें कौशल विकास मिशन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, प्रमाणन और जिलों में प्रशिक्षण केंद्र विकसित करेगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग बुजुर्गों, गंभीर रोगियों और घर पर देखभाल की जरूरत वाले लोगों के लिए सेवा के मानक तय करेगा। महिला एवं बाल विकास विभाग क्रेच, चाइल्ड केयर और आंगनबाड़ी आधारित सेवाओं को इससे जोड़ेगा।
वहीं आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग पोर्टल और तकनीकी ढांचा तैयार करेगा। श्रम, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, नगर विकास और चिकित्सा शिक्षा विभाग भी अपनी-अपनी सेवाओं व संसाधनों को इस नेटवर्क से जोड़ेंगे।
इसके जरिए देखभाल करने वाले लोगों की सूची तैयार करने के साथ प्रशिक्षण से रोजगार तक पूरी श्रृंखला खड़ी करना है, जिसमें महिलाओं को अधिक अवसर मिलेंगे। पोर्टल को प्रशिक्षण और उपलब्धता के बीच सेतु के रूप में विकसित किया जाएगा। केयर गिवर्स का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रमाणन और पंजीकरण कराया जाएगा, जिससे जरूरतमंद परिवारों को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित व्यक्ति उपलब्ध हो सकें।
