जागरण ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीलीभीत में टाइगर रिजर्व बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की ओर से हरी झंडी दिखाये जाने के बाद अब राज्य सरकार राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) को इस आशय का प्रस्ताव भेजेगी। एनटीसीए के पीलीभीत में टाइगर रिजर्व बनाने की सिफारिश करने पर पर राज्य सरकार इस बारे में अधिसूचना जारी करेगी। दुधवा के बाद यह प्रदेश में दूसरा टाइगर रिजर्व होगा।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व कुल 71,288 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर प्रस्तावित है। इसमें से 60,280 हेक्टेयर कोर क्षेत्र और 11,008 हेक्टेयर बफर क्षेत्र है। प्रमुख सचिव वन वीएन गर्ग ने बताया कि पीलीभीत में टाइगर रिजर्व बनने पर तराई आर्क (पश्चिम में पीलीभीत से लेकर पूर्व में बलरामपुर तक तराई के जिले) में बाघों के संरक्षण और उनकी वंशवृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। तराई का क्षेत्र बाघों के सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतवासों में से एक है। इस क्षेत्र में बाघों के लिए पर्याप्त संख्या में शिकार उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री की रजामंदी के बाद शासन ने पीलीभीत के जिलाधिकारी को प्रस्तावित टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में आने वाली ग्राम सभाओं के लोगों से बातचीत कर अपना प्रस्ताव भेजने को कहा है। जिलाधिकारी की ओर से भेजा गया प्रस्ताव प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) के माध्यम से एनटीसीए को भेजा जाएगा।

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