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सागर जहरीली शराब कांड के बाद ललितपुर में अलर्ट, हाईवे के ढाबों, शराब दुकानों और टैंकरों की तेज हुई जांच

Published: Tue, 08 Sep 2026 01:50 AM (IST)

मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद ललितपुर प्रशासन सक्रिय हो गया है, हालांकि पुलिस ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. सागर जहरीली शराब कांड के बाद ललितपुर में अलर्ट।

  2. ललितपुर पुलिस ने अवैध शराब निर्माण से किया इनकार।

  3. जिले में अवैध शराब रोकने को विशेष अभियान जारी।

जागरण संवाददाता, ललितपुर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से लोगों की मौतों के बाद उसकी तपिश उत्तर प्रदेश के ललितपुर तक पहुंच गई है। घटना के बाद सागर पुलिस की एफआइआर और मीडिया में ललितपुर कनेक्शन का जिक्र आने पर जिले का प्रशासन सक्रिय हो गया है। हालांकि, ललितपुर पुलिस ने जिले में स्पिरिट या केमिकल से अवैध शराब बनाए जाने के आरोप को सिरे से खारिज किया है।

एएसपी कालू सिंह और जिला आबकारी अधिकारी ने संयुक्त बयान जारी कर सागर पुलिस के कुछ तथ्यों को भ्रामक बताया है। अपर पुलिस अधीक्षक के अनुसार, ललितपुर पुलिस और आबकारी विभाग ने चार मई को शराब माफिया के मास्टरमाइंड रवि लखेरा (छतरपुर) और चंद्रेश लोधी (सागर) समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनके खिलाफ गैंग्सटर एक्ट की कार्रवाई भी चल रही है।

बंडा थाने की एफआइआर में नामजद 20 आरोपितों में केवल आकाश राय का पता मड़ावरा का दर्ज है, जबकि वह भी करीब 10 वर्ष से बंडा क्षेत्र में रह रहा है। एएसपी ने कहा कि ललितपुर में केमिकल या स्पिरिट से अवैध शराब बनाने की कोई जानकारी नहीं है।

यदि सागर पुलिस के पास इसके संबंध में पुख्ता प्रमाण हैं तो उन्हें साझा किया जाए। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सत्यप्रकाश के निर्देश पर जिले में विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू किया गया है। आबकारी, पुलिस और राजस्व विभाग की पांच संयुक्त टीमें सदर, तालबेहट, महरौनी, पाली और मड़ावरा क्षेत्रों में जांच कर रही हैं।

टीमें यूपी एक्साइज एप के जरिये शराब की बोतलों पर लगे क्यूआर कोड स्कैन करने के साथ स्टाक का भौतिक सत्यापन भी कर रही हैं। राजमार्गों पर स्थित संदिग्ध ढाबों और अल्कोहल परिवहन करने वाले टैंकरों की भी आकस्मिक जांच के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का उद्देश्य शराब की अवैध कटिंग, मिलावट और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना है।

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