लितपुर ब्यूरो :

सरकारी योजनाओं में किस प्रकार सेंधमारी कर शासन की मंशा को पलीता लगाया जाता है इसकी बानगी आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय में देखने को मिल रही है। विद्यालय में घटिया गुणवत्ता का फर्नीचर की आपूर्ति कर दी गई। आपूर्ति के अगले ही दिन टेबिल-कुर्सियाँ टूटने लगी। लिहाजा फर्नीचर का उपयोग किये बगैर ही उन्हें किनारे रख दिया गया। सोमवार को प्रभारी बीएसए बृजेश सिंह ने विद्यालय निरीक्षण के दौरान घटिया गुणवत्ता के फर्नीचर का अवलोकन किया।

नवीन शिक्षा सत्र से उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत फर्नीचर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। इसके लिये जनपद के 95 उच्च प्राथमिक विद्यालयों का चयन किया गया, जहाँ 1 करोड़ 44 लाख रुपये कीमत का फर्नीचर उपलब्ध कराया जाना है। इस हिसाब से प्रत्येक सेट के लिये 4 हजार 460 रुपये निर्धारित किये गये। इतना ही नहीं फर्नीचर आपूर्ति में कोई घालमेल न हो इसके लिये तमाम दिशा-निर्देश और मापदण्ड भी निर्धारित किये गये। स्कूलों में फर्नीचर आपूर्ति के लिये विभाग द्वारा टेण्डर प्रक्रिया अपनाई गई और झाँसी की एक फर्म को फर्नीचर आपूर्ति के लिये चयनित किया गया। फर्म द्वारा बीएसए कार्यालय में फर्नीचर का एक सेट बतौर सेम्पल बीएसए कार्यालय में रखवाया, जिसे जिला स्तरीय समिति द्वारा हरी झण्डी भी दे दी गई।

फर्नीचर आपूर्ति के लिये चयनित की गई फर्म द्वारा निर्धारित अवधि में टेबिल-कुर्सियों की आपूर्ति नहीं की गई, जिसके चलते बच्चों को जमीन पर बैठकर ही शिक्षा ग्रहण करना पड़ा। स्थिति को देखते हुये जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा सम्बंधित फर्म को फर्नीचर आपूर्ति के लिये पत्र भी जारी किये गये, जिनका कोई असर नहीं हुआ। विभाग के लगातार प्रयास के बाद फर्म द्वारा स्कूलों में फर्नीचर की आपूर्ति शुरू करवा दी गई। जानकारी के मुताबिक 31 अगस्त को दोपहर बाद जिला मुख्यालय स्थित आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय में फर्नीचर की आपूर्ति की गई। उक्त फर्नीचर को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अपनी देखरेख में विद्यालय में रखवाया। इसके बाद स्कूलों का अवकाश शुरू हो गया और जब अवकाश के बाद 4 सितम्बर को विद्यालय खुला तो बच्चों के फर्नीचर पर बैठते हीे टेबिल-कुर्सियाँ टूटना शुरू हो गई। आलम यह है कि टेबिल कुर्सियाँ कक्षों में रखवा दी गई है और टूटे हिस्से भी रखे हुये है। सोमवार को प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बृजेश सिंह ने आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण। इस दौरान उन्होंने कक्षाओं में रखे फर्नीचर का अवलोकन किया तो पाया कि टेबिल-कुर्सियाँ टूटी हुई पड़ी हैं। इस संबंध में उन्होंने मौजूद प्रधानाध्यापिका से भी जानकारी ली।

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ललितपुर : इस तरह कोने में रख फर्नीचर व जमीन पर बैठकर पढ़ रहे बच्चे।

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फर्नीचर कोने में, बच्चे बैठे जमीन पर

सरकार की मंशा थी कि सरकारी स्कूलों के बच्चे भी निजी स्कूलों की तरह फर्नीचर पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करे, जिसके चलते जनपद के लिये 1 करोड़ 44 लाख रुपये कीमत का फर्नीचर उपलब्ध कराया जा रहा है। टेण्डर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कई दिनों बाद फर्नीचर की आपूर्ति की गई तो वह घटिया निकली। जिसके चलते फर्नीचर को कक्षाओं के एक कोने में रखवा दिया गया और बच्चे पूर्व की तरह ही जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर है।

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बीएसए को लिखित में की घटिया फर्नीचर की शिकायत

आदर्श पूर्व माध्यमिक विद्यालय में घटिया फर्नीचर की आपूर्ति किये जाने के मामले केा लेकर प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बृजेश सिंह ने जब विद्यालय का निरीक्षण किया तो प्रधानाध्यापिका ने उन्हे अवगत कराया कि इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर गुणवत्ताहीन फर्नीचर की आपूर्ति की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि एक ही दिन में फर्नीचर टूट गया, लिहाजा उसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।

Posted By: Jagran