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ललितपुर ब्यूरो:

कोतवाली महरौनी और थाना मड़ावरा पुलिस ने 2 झोलाछाप डाक्टर्स के खिलाफ एफआइआर दर्ज करके जाँच शुरू की है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी ने महरौनी क्षेत्र के ग्राम सिलावन और मड़ावरा कस्बे में छापेमारी करके दोनों चिकित्सकों को बगैर किसी किसी डिग्री के क्लिनिक का संचालन करते पाया, फिर पुलिस को तहरीर दी गई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय झोलाछाप चिकित्सकों के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश भारती ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली महरौनी को तहरीर देकर बताया कि जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रताप सिंह के दिशा - निर्देशों के अनुपालन में उनकी टीम ने महरौनी अंतर्गत ग्राम सिलावन निवासी सजीत कुमार पुत्र करनोश्वर विश्वास की सिलावन गाँव में संचालित चाँदसी अस्पताल में छापामार कार्यवाही की। इस दौरान सजीत कुमार विश्वास ने आरएमपी का पंजीयन टीम को दिखाया एवं अन्य कोई प्रमाण पत्र चिकित्सा सम्बन्धी नहीं थे, जबकि इनके द्वारा बिना डिग्री, अनक्वालीफाइड, गैरपंजीकृत, अप्रशिक्षित एवं अप्राधिकृत रूप से चिकित्सीय कार्य किया जा रहा था। महरौनी कोतवाली पुलिस ने नोडल अधिकारी की तहरीर के आधार पर सजीत कुमार विश्वास के खिलाफ 15 (3) इण्डियन मेडिकल काउन्सन्लिग ऐक्ट 1956 के तहत मुकदमा पंजीकृत करके विवेचना शुरू कर दी है। इसी प्रकार नोडल अधिकारी डॉ. राजेश भारती ने मड़ावरा थाना प्रभारी को तहरीर देकर बताया कि कस्बे में संचालित रतन दत्त की क्लिनिक पर निरीक्षण किया। इस दौरान रतन दत्त से डिग्री, पंजीयन एवं चिकित्सीय कार्य सम्बन्धी प्रमाण पत्र मागे तो नहीं दिखा पाए, उनके द्वारा द्वारा बिना डिग्री, अनक्वालीफाइड, गैरपंजीकृत, अप्रशिक्षित एवं अप्रधिकृत रूप से चिकित्सीय कार्य किया जा रहा था। मड़ावरा थाना पुलिस ने तहरीर के आधार आरोपी के खिलाफ सम्बन्धित धाराओं में मामला पंजीकृत करके जाँच शुरू कर दी है।

Posted By: Jagran

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