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0 अपर ़िजलाधिकारी (वित्त व राजस्व) के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने की जाँच

0 शासन के निर्देश पर ़िजलाधिकारी ने टीम गठित की

झाँसी : शासन के निर्देश पर महानगर के आश्रय केन्द्रों की सघन जाँच की गयी। अपर ़िजलाधिकारी (वित्त व राजस्व) के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति ने सेण्ट ज्यूड्स फाउण्डलिंग होम इसाईटोला, मदर टेरेसा होम, मदर टेरेसा व वृद्धावस्था आश्रम की जाँच की। एक आश्रय केन्द्र में वित्तीय अनियमितता सामने आयी हैं।

बिहार में मुजफ्फरपुर के बाद प्रदेश के देवरिया नारी संरक्षण केन्द्र में बालिकाओं के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद शासन ने सभी नारी संरक्षण केन्द्र की जाँच कराने के निर्देश दिए। इस के तहत ़िजलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने अपर ़िजलाधिकारी (वित्त व राजस्व) नगेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की, जिसमें ़िजला प्रोबेशन अधिकारी नन्दलाल व सहायक प्रबन्धक ़िजला उद्योग केन्द्र व उद्यम ब्यूरो प्रज्ञा वर्मा को शामिल किया गया। मदर टेरेसा में निरीक्षण के समय 23 बालिकाएं व 6 बालक उपस्थित मिले। अधिकतर बच्चों के आधार कार्ड बने मिले। शेष बच्चों के आधार कार्ड बनाने को कहा गया। बच्चों के खेलकूद के उपकरण व मनोरंजन के लिए टेलिवि़जन, झूला आदि मिले। बच्चों ने अच्छा खाना मिलने की बात कही तथा पढ़ाई होने की बात कही। किसी अन्य प्रकार की शिकायत नहीं मिली। सेण्ट ज्यूड्स फाउण्डलिंग होम (शिशु विहार) में किचन साफ-सुथरा मिला। इस दत्तक ग्रहण इकाई व बाल गृह में 33 बच्चे मिले। यहाँ भी अधिकतर बच्चों के आधार कार्ड बने मिले। भोजन मेन्यु के अनुसार तथा मनोरंजन व खेल-कूद के साधन व्यवस्थित मिले। बच्चों को पास के स्कूल में पढ़ाई के लिए भेजा जाता है। किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिली। सिद्धेश्वर नगर स्थित वृद्धा आश्रम में निरीक्षण के समय 60 वर्ष से अधिक आयु के 98 वृद्ध मिले, जिनमें 50 पुरुष व 48 महिलाएं शामिल हैं। निरीक्षण के समय टेलिवि़जन खराब मिला। भोजन व नाश्ता की व्यवस्था भी घटिया मिली। शिकायत में कहा गया कि दूध व फल नहीं मिलते हैं। चिकित्सा की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। महिला प्रबन्धकों पर वृद्ध महिलाओं ने दु‌र्व्यवहार की शिकायत भी की। समिति को वित्तीय अनियमितताएं भी मिलीं।

कस्तूरबा आवासीय विद्यालय व नारी संरक्षण केन्द्र पर जाँच के निर्देश

0 प्रदेश के मुख्य सचिव ने माँगी सभी ़िजलों से रिपोर्ट

0 स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण की तैयारी करने के निर्देश

झाँसी : प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. अनूप चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि जनपद में संचालित नारी संरक्षण घर व कस्तूरबा गाँधी बालिका आवासीय विद्यालयों का टीम गठित कर सत्यापन कराएं और शासन को रिपोर्ट भेजें। इस शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं की भी जानकारी की जाएगी। उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण ग्रामीण का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।

वीडियो कॉन्फरेन्स के जरिए सभी ़िजलाधिकारियों से बात करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि शौचालयों की जियो टैगिंग कराने को कहा, जिससे भारत सरकार द्वारा अग्रिम धनराशि प्राप्त नहीं हो सकेगी। उन्होंने कहा कि नोडल एजेंसी ने स्वच्छता सर्वेक्षण प्रारम्भ कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक जनपद-एक उत्पाद को लखनऊ में 10 अगस्त को आयोजन हो रहा है, जिसमें सभी जनपद प्रतिभाग करेंगे। बाद में जनपद स्तर पर भी ऐसे आयोजन कराए जाएं, जिसमें इस योजना के लाभार्थियों को ऋण वितरण कराया जाए। उन्होंने प्रधानमन्त्री आवास योजना के भी जियो टैग कराए जाएं, जिससे लाभार्थियों को लाभ दिलाया जा सके। इस दौरान मण्डलायुक्त कुमुदलता श्रीवास्तव ने पौधारोपण के पौधे को पॉलिथीन में पैकेज़्ड होने की जानकारी दी। इस पर प्रमुख सचिव नगर विकास ने कहा कि अभी 50 माइक्रान से कम की पॉलिथीन को बैन किया गया है, पैकेजिंग पर रोक नहीं लगायी गयी है। इस दौरान ़िजलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी, सीडीओ निखिल टी. फुण्डे, वन संरक्षक एके सिंह, डीएफओ डॉ. एमके शुक्ला, नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया आदि उपस्थित रहे।

बेसिक स्कूलों में समायोजन को पद सृजित

0 समायोजन के लिए सरप्लस की बनेगी सूची

झाँसी : बेसिक शिक्षा परिषद ने जनपद स्तर पर समायोजन व पारस्परिक स्थानान्तरण के लिए विद्यालय वार पद सृजन की अनुमति दे दी है। इसके बाद अब समायोजन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और सरप्लस शिक्षकों की सूची बनायी जाएगी।

बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने सभी बीएसए को जारी आदेश में अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 के तहत विद्यालयों में अध्यापकों के पद निर्धारण के निर्देश दिए हैं। इसी के आधार पर सरप्लस शिक्षकों का समायोजन करने को कहा है। इस अधिनियम के तहत प्राथमिक विद्यालयों में 150 तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय में 100 से कम छात्र होने पर प्रधानाध्यापक का पद का प्राविधान नहीं हैं, लेकिन पूर्व से सृजित प्रधानाध्यापक के पद से प्रधानाचार्यो को हटाया नहीं जाएगा। प्राथमिक विद्यालयों में 60 छात्रों पर न्यूनतम 2 अध्यापक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विषयवार न्यूनतम 3 अध्यापकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। विद्यालयों में नामांकन के अनुपरूप शिक्षकों की उपलब्धता की जाएगी, अनावश्यक शिक्षकों को हटाया नहीं जाएगा।

फाइल-रघुवीर शर्मा

समय-9.20

6 अगस्त 18

Posted By: Jagran

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