ललितपुर ब्यूरो :

रेलमन्त्री पीयूष गोयल की फटकार के बाद भी ट्रेन्स की लेटलतीफी का सिलसिला जारी है। लम्बी दूरी की गाड़ियाँ तो अधिकाँश विलम्ब से चल रहीं है। अब कम दूरी की गाड़ियाँ भी लेट हो चली है। नई दिल्ली से भोपाल के बीच चलने वाली ट्रेन्स कई-कई घण्टों तक लेट रहकर ललितपुर पहुँची। इनमें डाउन ट्रेक की राप्तीसागर जहाँ 20 घण्टे, अप ट्रक की पठानकोट 12 घण्टा लेट रही। इसके अलावा भी अन्य कई गाड़ियाँ देरी से पहुँची। ऐसे में ललितपुर से जाने व यहाँ आने वाले यात्रियों को काफी परेशानियाँ उठाना पड़ी।

पिछले कई माह से ट्रेनं विलम्ब से चल रही है। पहले ज्यादा दूरी वाली ट्रेन लेट बनी हुयी थी, अब तो पास वाली ट्रेनों ने भी यात्रियों को लेटलतीफी के चलते परेशान कर दिया है। जिसे लेकर यात्रियों में हा-हाकार मचा हुआ है। तीन घण्टे का सफर तय करने के लिए यात्रियों को 5 से 10 घण्टे तो ट्रेन के इन्तजार में ही स्टेशन पर बैठना पड़ रहा है। ट्रेनों को जहाँ तहाँ रोककर मालगाड़ियाँ दौड़ाई जा रही है। आउटर और स्टेशन से दूर खड़ी गाड़ियों में यात्री पानी के लिए तरस रहे है, तो बच्चों को दूध तक नहीं मिल पा रहा हे। बुधवार को भोपाल की ओर जाने वाली ट्रेन 8 घण्टा, कुशीनगर 6.30, छत्तीसगढ़ 7 घण्टे, पठानकोट 12 घण्टे व पंजाब मेल 3 घण्टा लेट रही। दिल्ली की ओर जाने वाली राप्तीसागर करीब 20 घण्टा लेट रही। इससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि लगातार ट्रेन्स की चाल में सुधार किया जा रहा है। जल्द ही सभी गाड़िया समय से दौड़ने लगेंगी।

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कहीं ट्रेन में ही न मनाना पड़ जाए ईद का त्योहार

घर से लेकर बाजार, सरकारी, गैर सरकारी दफ्तर से लेकर फैक्ट्री और फर्म से लेकर कारखाने सभी जगह ईद के त्योहार की तैयारियाँ तेज हो गई है। दूरदराज रह रहे लोग अपने घर वापसी की तैयारियों में जुटे हुए है। ट्रेन्सं में टिकट बुक कराने वालों की संख्या में भी इजाफा हो चला है। कुछ माह से जिस धीमी गति से गाड़ियाँ दौड़ रही है, उससे तो ऐसा ही लगता है कि कहीं इस बार लोगों को ट्रेन में ही ईद का त्योहार न मनाना पड़ जाए।

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बसि़ज की कमाई में इज़ाफा

ट्रेन्स की लेट लतीफी से परेशान मुसाफिर अपने टिकट रद्द करा रहे है। ललितपुर स्टेशन पर हर रोज रेलवे को राजस्व का नुकसान पहुँच रहा है। ट्रेनों के देरी से चलने की वजह से अब यात्रियों ने बसों की ओर अपना रुख कर लिया। रोडवेज व अन्य बसों की की आमदनी में इजाफा हो गया है। ललितपुर से भी बाहर जाने वाली कई स्लीपर बसों का संचालन है, यही नहीं लखनऊ, कानपुर व अन्य जगहों पर भी बसों की सुविधा यहाँ से उपलब्ध है। ट्रेनों के लेट होने पर यात्री अपने टिकट कैसिंल कराकर बसों में सफर कर रहे है। मई माह में अचानक यात्रियों की संख्या में इजाफा हो गया है।

Posted By: Jagran

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