ललितपुर ब्यूरो : शासन के निर्देश पर अब 6 जून से अभियान चलाकर 'रूपे किसान क्रेडिट कार्ड' बनाया जायेगा। इससे किसान देश के किसी भी हिस्से में एटीएम कार्ड की मदद से केसीसी का पैसा निकाल सकते है। अब तक यह पैसा निकालने के लिए किसानों को बैंक के चक्कर काटने पड़ते थे। सोमवार को जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह की मौजूदगी में कलेक्टरेट सभागार में कृषि, राजस्व व बैंक कर्मियों की बैठक में महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा कर निर्णय लिया गया।

किसानों को कर्ज से राहत देने व उन्हे विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत किसान अपनी जमीन पर बैंक से न्यूनतम ब्याज पर कर्ज लेते है। जिसका उपयोग वे खाद, बीज, कीटनाशक, दवायें, सिंचाई के साथ-साथ कृषि यंत्रों, टयूबवेल लगवाने आदि में करते है। इसके अलावा किसान अन्य कृषि कार्याे में भी केसीसी से रुपये निकालकर उपयोग करते हैं। शासन की मंशा है कि किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलायी जाये। ऐसे में किसान क्रेडिट कार्ड पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कुछ दिन पूर्व कृषि उत्पादन आयुक्त रामप्रताप सिंह ने लखनऊ में बैठक आयोजित कर अधिक से अधिक किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने पर जोर दिया था। यही नहीं उन किसानों के भी केसीसी बनवाने के निर्देश दिये थे, जो अब तक इससे अछूते है। उन्होंने आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किये थे। इसके तहत तय किया गया था कि 6 जून से अभियान चलाकर किसानों के केसीसी बनवाये जायेंगे। इसी क्रम में सोमवार को कलेक्टरेट सभागार में जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गयी। बैठक के दौरान तय किया गया कि पहले केसीसी बनवाने वाले किसानों का चयन किया जायेगा। इसकी सूची तैयार करने के बाद फिर शिविर लगाकर उनका 'रूपे किसान क्रेडिट कार्ड' बनाया जायेगा। इसकी मदद से किसान देश के किसी भी कोने से अपने केसीसी खाते से एटीएम की मदद से रुपया निकाल सकते है। इससे उन्हे काफी आसानी होगी। अब तक किसानों को केसीसी का पैसा निकालने के लिए उन्हे बैंक जाना पड़ता था, लेकिन इस नई सुविधा से उन्हे लाभ होगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी बैंक्स अपने-अपने कार्य क्षेत्र में शिविर का आयोजन करेंगे, जिसमें कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी उपस्थित होकर आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे। जिला कृषि अधिकारी एस.एन.चौधरी द्वारा सभी बैंकर्स से अपील की कि कृषि विभाग के कर्मचारियों/बीमा कम्पनि के प्रतिनिधियों द्वारा गैर ऋणी कृषकों के बीमा किये जाने हेतु जो अभिलेख प्रस्तुत किये जा रहे हैं, उन्हे प्राप्त कर कृषकों को बीमित करें। ताकि अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हो सकें।

बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए बलिराम वर्मा, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक एसके श्रीवास्तव, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके शाक्य, उपायुक्त स्वत: रोजगार इन्द्रमणि त्रिपाठी, अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी केबी मिश्र, समस्त तहसीलदार एवं सभी बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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5-6 गाँव के बीच लगेगा शिविर

-योजना के तहत 5-6 गाँव के बीच शिविर लगाकर ऐसे किसानों के रूपे किसान क्रेडिट कार्ड बनवाये जायेंगे। जिनका अब तक नहीं बन पाया है। साथ ही जिनका बना है, उनके रिन्युअल भी कराये जायेंगे। शिविर में किसानों को अपनी दो फोटो, खतौनी, आधार कार्ड, साथ आना अनिवार्य है। शिविर में क्षेत्र के बैंक अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी व राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहेगे।

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जुलाई में एक्टिव हो जायेगा एटीएम

-रूपे किसान क्रेडिट कार्ड का एटीएम जुलाई में एक्टिव हो जायेगा। फलस्वरूप, किसान जुलाई से ही इसका लाभ उठा सकेंगे।

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खरीफ सीजन में नहीं लेना होगा कर्जा

-शासन की मंशा है कि हर हाल में खरीफ सीजन से पहले ही किसानों के क्रेडिट कार्ड बनवा दिये जायें, ताकि उन्हे खरीफ की फसल बुवाई के लिए साहूकारों के आगे हाथ न फैलाना पड़े। फिलहाल, इस योजना से किसानों को काफी लाभ होगा।

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नये नाम के साथ मिलेगी नई सुविधायें

-केसीसी अब 'रूपे किसान क्रेडिट कार्ड' हो गया है। नये नाम के साथ इसमें किसानों को सुविधायें भी मिलेगी। जिससे किसान लाभान्वित होंगे।

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प्रदेश में 1.4 करोड़ किसानों के पास ही है केसीसी

-आकड़ों की मानें तो प्रदेश में 2.33 करोड़ किसान है। इनमें से 1.4 करोड़ किसानों के पास ही किसान क्रेडिट कार्ड हैं। 90 लाख किसानों में अधिकतर किसान लघु एवं सीमान्त श्रेणी के है। प्रदेश में 92.5 प्रतिशत लघु एवं सीमान्त श्रेणी के किसान है। इन सभी किसानों को वर्ष के अन्त तक किसान क्रेडिट कार्ड से लाभान्वित करना मुख्य उद्देश्य है।

Posted By: Jagran

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