दुधवा टाइगर रिजर्व में आपसी संघर्ष के दौरान जंगली हाथी की मौत, बांके ताल के पास मिला शव
दुधवा टाइगर रिजर्व के बांके ताल के पास एक जंगली हाथी का शव मिला है। अधिकारियों के अनुसार, 15-18 वर्षीय ...और पढ़ें

HighLights
दुधवा टाइगर रिजर्व में जंगली हाथी का शव मिला।
हाथी की मौत आपसी संघर्ष में होने की आशंका।
पोस्टमार्टम के बाद शव को दफनाया गया, दांत सुरक्षित।
संवाद सूत्र, पलियाकलां (लखीमपुर)। दुधवा टाइगर रिजर्व में बांके ताल के पास एक जंगली हाथी का शव पाया गया है। हाथी के शरीर पर घाव भी मिले हैैं जिससे यह लगता है कि हाथियों के आपसी संघर्ष में उसकी मौत हुई है। दुधवा के अधिकारियों ने मृत हाथी का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसके शव को वहीं पर दफना दिया है। मृत हाथी नर है और उसकी उम्र लगभग 15 से 18 साल बताई गई है।
दुधवा के कर्मियों को रविवार की दोपहर में बांके ताल के पास एक नर हाथी लेटा पड़ा मिला। कर्मचारियों ने पास जाकर देखा तो उसकी सांस नहीं चल रही थी और वह मर चुका था। हाथी के मरने की जानकारी कर्मचारियों ने अधिकारियों को दी तो उनमें अफरा-तफरी मच गई।
पोस्टमार्टम कराने का निर्णय
फौरन इसकी जानकारी एफडी एच राजा मोहन को दी गई। इसके बाद दुधवा के अधिकारी मौके पर पहुंचे और मृत हाथी के शव का निरीक्षण करने के बाद उसका पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया।
निरीक्षण के दौरान हाथी के शरीर पर कई जगह चोट के निशान पाए गए हैैं और हाथी का दांत सुरक्षित पाया गया है। हाथी के शरीर पर घाव होने से यह समझा जा रहा है कि हाथियों के आपसी संघर्ष में उसकी मौत हुई है। बताया गया है कि बांके ताल हाथियों का सबसे पसंदीदा वास स्थल है। यहां पर हाथियों के कई झुंड रहते हैैं। झुंड में कई नर व मादा हाथी एक साथ रहते हैं।
इस वजह से हुई होगी भिड़ंत
समझा जा रहा है कि किसी मादा हथिनी को लेकर दो नर हाथी आपस में भिड़ गए, जिसमें एक हाथी की मौत हो गई। इस संबंध में दुधवा के उपनिदेशक जगदीश आर ने बताया कि बांके ताल के पास गश्त करने वाले कर्मियों ने रविवार की दोपहर को देखा। उसके बाद उन लोगों ने सूचना दी।
मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया, जिसमें पता चला कि हाथी की मौत आपसी संघर्ष में हुई है। हाथी की उम्र 15 से 20 साल के मध्य है। उसका पोस्टमार्टम कराकर शव को दफनाने की प्रक्रिया चल रही है। मृत हाथी के दांत सुरक्षित पाए गए हैैं।
