लखीमपुर में हाईवे चौड़ीकरण के लिए महौता बस्ती पर चला बुलडोजर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन
लखीमपुर खीरी में भीरा-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग-731 के चौड़ीकरण के लिए महौता बस्ती पर बुलडोजर चला।
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बस्ती के लोगों को समझाती गोला सीओ महक शर्मा। जागरण
HighLights
भीरा-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग-731 के चौड़ीकरण हेतु कार्रवाई।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर महौता बस्ती का अतिक्रमण हटाया।
हाईवे के सेंटर से 60 मीटर दायरे में निर्माण ध्वस्त।
जागरण संवाददाता, लखीमपुर। भीरा-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग-731 के चौड़ीकरण में बाधा बनी महौता बस्ती को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। शुक्रवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर करीब चार से पांच दशक से हाईवे किनारे रह रहे परिवारों के अतिक्रमण को हटाया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, एनएचएआई, राजस्व विभाग और पुलिस-पीएसी की भारी मौजूदगी में यह अभियान चलाया गया। इस दौरान हाईवे के सेंटर से साठ मीटर के दायरे में बने कच्चे-पक्के निर्माण और झोपड़ियों को हटाया गया।
लंबे समय से चल रही थी प्रक्रिया
महौता बस्ती में लगभग तीन सौ लोगों की आबादी निवास करती थी। यह बस्ती गन्ना समिति के पास स्थित थी, जहां परिवार अस्थायी रूप से रहने लगे थे। अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी और एनएचएआई ने न्यायालय का सहारा लिया था। नोटिस दिए जाने के बावजूद बस्ती खाली न होने पर शासन और प्रशासन ने कई बार चेतावनी दी थी। इस दौरान विरोध और हंगामे की स्थिति भी बनी थी।
शुक्रवार को कार्रवाई का आरंभ बिजली उपकेंद्र के पास से हुआ। इसके बाद हाईवे के दोनों ओर बनी बस्ती को हटाते हुए कार्रवाई भीरा पेट्रोल पंप के पास तक पहुंची। पांच जेसीबी मशीनें लगातार निर्माण गिराने और मलबा हटाने में लगी रहीं। कच्ची-पक्की दीवारों, झोपड़ियों और अन्य अस्थायी निर्माणों को मशीनों से हटाया गया।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। अधिकारियों ने मौके पर रहकर स्थिति पर नजर रखी, और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की गई। अग्निशमन वाहन भी मौके पर मौजूद रहे।
जरूरत पड़ने पर लगाए
इस कार्रवाई में एसडीएम, नायब तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक, तहसीलदार प्रशासन, तीन कानूनगो, 12 लेखपाल, राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम, सात कंस्ट्रक्टर, पांच परियोजना अधिकारी, 38 श्रमिक, पुलिस प्रशासन, एडीएम लखीमपुर, अपर पुलिस अधीक्षक, 14 एसओ/एसएचओ, 47 उपनिरीक्षक, 10 महिला एसओ, 210 कांस्टेबल/हेड कांस्टेबल, 106 महिला कांस्टेबल, एक प्लाटून पीएसी, नौ ट्रैफिक पुलिस, दो अग्निशमन वाहन, दो ड्रोन कैमरा और पांच जेसीबी शामिल थे।
